Thursday, May 14

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“यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए” – पीएम मोदी ने शीतकालीन सत्र से पहले विपक्ष को सुनाई खरी-खरी

नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसमें सरकार 13 अहम बिल पेश करेगी। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर से राष्ट्र के नाम संबोधन में विपक्ष को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि “ड्रामा और नारेबाजी के लिए बहुत जगह है, लेकिन सदन में ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए।”

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पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ दल पराजय भी नहीं पचा पाते। उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि वे पराजय की निराशा को सदन में नहीं ले आएं और विजय के अहंकार में भी फंसें नहीं। पीएम मोदी ने कहा कि सत्र का ध्यान देश की प्रगति, नीति निर्माण और विकास पर होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने बिहार चुनाव में रिकॉर्ड वोटिंग और माताओं-बहनों की बढ़ती भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती और अर्थव्यवस्था की प्रगति पूरी दुनिया देख रही है। उन्होंने कहा, “भारत ने सिद्ध कर दिया है कि लोकतंत्र परिणाम दे सकता है।”

सत्र में सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले मुख्य बिलों में शामिल हैं:

  • सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल 2025
  • हेल्थ सिक्योरिटी नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025
  • नेशनल हाईवे (अमेंडमेंट) बिल
  • एटॉमिक एनर्जी बिल (प्राइवेट न्यूक्लियर पावर प्लांट की संभावनाओं के साथ)
  • कॉर्पोरेट लॉ (अमेंडमेंट) बिल
  • इंश्योरेंस लॉ (अमेंडमेंट) बिल
  • हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल 2025

विपक्ष ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे SIR और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बहस करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार चर्चा की अनुमति नहीं देती, तो हंगामे की संभावना बन सकती है।

सत्र का मुख्य उद्देश्य देश के सामने सकारात्मक नीति, विकास और जनता के हितों पर केंद्रित बहस सुनिश्चित करना है।

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