Thursday, May 14

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SIR ड्यूटी के दबाव में गई शिक्षक की जान? बरेली में हार्ट अटैक से BLO की मौत, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप

बरेली। उत्तर प्रदेश में चल रही एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के बीच बीएलओ पर बढ़ते कार्यभार और दबाव को लेकर चिंताजनक हालात सामने आ रहे हैं। जहां गोंडा में एक बीएलओ ने आत्महत्या कर ली, वहीं बरेली में बुधवार को ड्यूटी के दौरान ही एक बीएलओ की हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना के बाद शिक्षा और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

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जानकारी के अनुसार, भोजीपुरा ब्लॉक के परधौली गांव प्राथमिक विद्यालय में तैनात 47 वर्षीय शिक्षक और बीएलओ सर्वेश कुमार गंगवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों—डीएम अविनाश सिंह, एडीएम सदर प्रमोद कुमार सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।

“काम का बहुत दबाव था” – परिवार का आरोप

मृतक के बड़े भाई योगेश गंगवार, जो स्वयं शिक्षक और सुपरवाइजर हैं, ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि SIR प्रक्रिया के दौरान बेहद ज्यादा काम का दबाव बनाया जा रहा था।

योगेश ने बताया—

“अधिकारियों का इतना दबाव था कि रात 12 बजे तक काम करना पड़ रहा था। इसके बाद भी फटकार लगाई जाती थी। अत्यधिक तनाव और बोझ की वजह से ही मेरे भाई की मौत हुई है।”

परिजनों का कहना है कि सर्वेश मानसिक और शारीरिक रूप से अत्यधिक दबाव में थे, जिसकी शिकायत वह लगातार कर रहे थे।

दो मासूम बच्चों पर टूटा दुख का पहाड़

सर्वेश की मौत के बाद उनके परिवार पर गहरा दुख छा गया है। उनकी पत्नी पहले ही निधन हो चुकी है और अब उनके 5 वर्षीय जुड़वा बच्चे—अहाना और अयांश—पिता के साये से भी वंचित हो गए हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्वेश बेहद जिम्मेदार और शांत स्वभाव के शिक्षक थे और कभी शिकायत नहीं करते थे, लेकिन इस बार बढ़ा हुआ काम का बोझ उनके लिए घातक साबित हुआ।

प्रशासन ने बोझ बढ़ने से किया इनकार

एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने कहा कि सर्वेश की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हुई है, लेकिन उन्होंने अतिरिक्त कार्यभार के आरोपों को खारिज किया है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

हालांकि लगातार सामने आ रहे मामलों ने SIR प्रक्रिया के दौरान बीएलओ पर पड़ रहे दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिजन और स्थानीय लोग बीएलओ के कामकाज की व्यवस्था में बदलाव और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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