

पिंडवाड़ा। नगर स्थित काशीबाबा आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ एवं कथा महोत्सव के द्वितीय दिवस शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अनुपम संगम देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचे और वैदिक मंत्रोच्चार, भगवान श्रीमद्भागवत की पूजा-अर्चना, महाआरती एवं भजन-कीर्तन के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ यजमान श्रीमती गीता बैन गोविंद भाई रावल द्वारा कथा व्यास महावीर प्रसाद का कुमकुम तिलक कर स्वागत एवं सम्मान करने से हुआ। इसके पश्चात श्रीमद्भागवत भगवान का विधि-विधान से पूजन-अर्चन एवं महाआरती संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर प्रदेश एवं समाज की सुख-समृद्धि तथा विश्व कल्याण की कामना की।
व्यासपीठ से कथा वाचक महावीर प्रसाद ने श्रीमद्भागवत महापुराण के कपिल मुनि प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को संस्कार, सदाचार, आत्मचिंतन और मोक्ष की राह दिखाने वाली दिव्य ज्ञानगंगा है। उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों का जीवन त्याग, तपस्या, संयम और ईश्वर भक्ति का सर्वोच्च आदर्श प्रस्तुत करता है। यदि मनुष्य उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाए, तो उसका जीवन सफल और सार्थक बन सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान भौतिकवादी युग में व्यक्ति सांसारिक सुख-सुविधाओं के पीछे भाग रहा है, जबकि वास्तविक सुख आत्मिक शांति, सेवा, सत्संग और प्रभु भक्ति में निहित है। कपिल मुनि के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने श्रद्धालुओं को संयम, सेवा, विनम्रता, धर्म पालन एवं सत्संग का महत्व बताते हुए नियमित रूप से भागवत कथा श्रवण करने का संदेश दिया।
कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर होकर भगवान के जयकारे लगाते रहे। बीच-बीच में प्रस्तुत किए गए सुमधुर भजनों ने पूरे वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति रस में डूबे नजर आए।
इस अवसर पर बाबूभाई मेवाड़ा, पुखराज सेजारा, मुकेश रावल, अशोक रावल, महेशचंद्र, पुजारी पुरुषोत्तम भाई, दिनेश रावल, अमृतलाल खराड़ी, बाबूभाई रावल, कन्हैयालाल गर्ग, अमराराम प्रजापति, कृष्णा कुमावत, बसंती देवी, पार्वती देवी पुरोहित, गीता बैन रावल, सावित्री बैन रावल, रमिला बैन, बेबी देवी प्रजापति, पवनी प्रजापति, हंजा देवी गर्ग सहित क्षेत्रभर से आए सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्रतिदिन उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत महोत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रातःकाल पूजा-अर्चना, श्रीमद्भागवत कथा, भजन-कीर्तन एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। आश्रम परिसर की आकर्षक सजावट, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं एवं श्रद्धालुओं की अटूट आस्था महोत्सव की गरिमा को और बढ़ा रही है। आगामी दिनों में श्रीमद्भागवत महापुराण के अन्य प्रेरणादायी प्रसंगों का वाचन किया जाएगा, जिसका लाभ बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्राप्त करेंगे।


