Saturday, July 11

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पीआईएमआर डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी के प्रथम एमबीए बैच का हुआ दीक्षारंभ


सफलता नहीं, उत्कृष्टता और चरित्र को बनाइए जीवन का लक्ष्य: डेविश जैन
इंदौर। प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (पीआईएमआर) के डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी बनने के बाद प्रथम स्नातकोत्तर (एमबीए) बैच के विद्यार्थियों का 33वां दीक्षारंभ समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में उद्योग, मीडिया और शिक्षा जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें नैतिक नेतृत्व, नवाचार, आजीवन सीखने की प्रवृत्ति तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए पीआईएमआर डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. डेविश जैन ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को “एक नए युग की आधारशिला रखने वाली पहली पीढ़ी” बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के इतिहास में उनका विशेष स्थान रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से सफलता के पीछे भागने के बजाय उत्कृष्टता को अपना लक्ष्य बनाने का आह्वान किया।
डॉ. जैन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और नई प्रौद्योगिकियाँ उद्योग जगत का स्वरूप बदल रही हैं, लेकिन ईमानदारी, अनुशासन, जिज्ञासा, संवेदनशीलता, विश्वसनीयता और नेतृत्व क्षमता जैसी मानवीय विशेषताएँ सदैव सर्वोपरि रहेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सफल पेशेवर तैयार करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है, जो समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. विजय शुक्ला ने कहा कि यह समारोह केवल एक शैक्षणिक सत्र का आरंभ नहीं, बल्कि परिवर्तन की एक नई यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी भविष्य के उद्योगपति, कॉरपोरेट नेतृत्वकर्ता और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनने की क्षमता रखते हैं।
भारत के विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने तथा वर्ष 2031 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विनिर्माण (Manufacturing), रक्षा उत्पादन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑटोमेशन और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली आने वाले वर्षों में युवाओं के लिए अपार अवसर लेकर आएँगे। उन्होंने विद्यार्थियों से VUCA (Volatility, Uncertainty, Complexity and Ambiguity) के दौर में सकारात्मक दृष्टिकोण, कौशल, ज्ञान और निरंतर सीखने की भावना विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, स्वयं को निरंतर विकसित करने, जिज्ञासु बने रहने, विनम्र रहने तथा अपनी क्षमताओं पर विश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. विजय शुक्ला को ‘पीआईएमआर विजनरी मीडिया लीडरशिप अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
नुवामा प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर प्रिंसिपल पार्टनर रजनीश जैन ने कहा कि व्यक्ति की वास्तविक सफलता इस बात से तय होती है कि उसने दूसरों के जीवन में कितना सकारात्मक मूल्य जोड़ा है। उन्होंने विद्यार्थियों से जिज्ञासु बने रहने, असफलताओं से सीखने तथा निरंतर आत्मविकास की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इंदौर तेजी से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) का प्रमुख केंद्र बन रहा है, जिससे प्रबंधन विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट करियर अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को सरलता, विनम्रता और उत्कृष्ट व्यक्तित्व विकसित करने की प्रेरणा दी।
एफसीबी उल्का, बेंगलुरु की सीनियर ब्रांड प्लानिंग स्ट्रेटेजिस्ट एवं पीआईएमआर की पूर्व छात्रा विद्या राव को ‘पीआईएमआर एमिनेंट एलुमनस अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन के दस महत्वपूर्ण अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कक्षा के बाहर मिलने वाले अनुभव भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं जितनी कि शैक्षणिक उपलब्धियाँ। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने, संवाद कौशल और अंग्रेज़ी भाषा पर बेहतर पकड़ विकसित करने, अधिक से अधिक गतिविधियों में भाग लेने, स्वयं को निरंतर अपडेट और अपस्किल करते रहने तथा जीवन में भरोसेमंद और दृढ़ व्यक्तित्व विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “Version 1.0 अब पर्याप्त नहीं है; समय के साथ स्वयं को लगातार अपडेट करना ही सफलता की कुंजी है।”
समारोह के दौरान सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों को कुलाधिपति, कुलपति एवं अतिथियों द्वारा ‘दीक्षारंभ’ बैज प्रदान कर औपचारिक रूप से विश्वविद्यालय परिवार में शामिल करना रहा। इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई आधिकारिक सूचना पुस्तिका ‘स्वागत–2026’ का भी विमोचन किया गया, जो उनके संपूर्ण शैक्षणिक सफर में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी। इससे पूर्व कुलपति डॉ. एस. एस. भाकर ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त करने के बाद यह शैक्षणिक सत्र संस्थान के इतिहास में एक नए युग का शुभारंभ है। समारोह को डॉ. दीपक जारोलिया, निदेशक, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट तथा डॉ. राजीव रघुवंशी, निदेशक (प्रवेश) ने भी संबोधित किया। समारोह में लगभग 1,000 नवप्रवेशी एमबीए विद्यार्थियों, प्राध्यापकों के साथ साथ डॉ. अनिल बाजपेयी, डॉ. कर्नल एस. रमन अय्यर, डॉ. मनोज कुमार देशपांडे तथा डॉ. संजीव पाटनी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

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