
नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने निवेश रणनीति में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इसका उद्देश्य है निवेश पर जोखिम को कम करना और फंड की सुरक्षा बढ़ाना। अब EPFO अपनी अलग-अलग योजनाओं के पैसे को अलग-अलग निवेश करने के बजाय एक ही साझा फंड (पूल) में निवेश करेगा।
क्या है नया प्लान?
EPFO अपनी पांच अलग-अलग योजनाओं के फंड को मिलाकर एक साझा ETF फंड में निवेश करेगा।
बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए निवेश चक्र महीने-दर-महीने की बजाय साल में एक बार होगा।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के बॉन्ड्स को बायबैक में बेचकर मुनाफा कमाने की तैयारी।
मंजूरी के लिए 2 मार्च को बैठक
EPFO की निवेश समिति ने इन प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है। अब इन्हें 2 मार्च को होने वाली सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दरों की घोषणा इस बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव EPFO की निवेश नीति को और अधिक सुरक्षित और केंद्रीकृत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
