
गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से एक अनोखी घटना सामने आई है। एसीजेएम कोर्ट में आरोपी रामदरश यादव खाट पर लेटकर पेश हुए, लेकिन कोर्ट ने उनके बहाने पर ध्यान न देते हुए उन्हें पूर्व में सुनाई गई सजा के तहत तीन माह के लिए जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, रामदरश यादव की उम्र 70 वर्ष से अधिक है और वह खुद को पैरालाइज्ड और बीमार बताते हुए कोर्ट में सरेंडर हुए। मामला चेक बाउंस से जुड़ा हुआ है। रामदरश ने वादी अजीत राम से 9 लाख रुपये का कर्ज लिया था और उसे चुकाने के लिए चेक दिया था, जो बाउंस हो गया। इसके बाद वादी ने कोर्ट में मामला दर्ज किया।
गाजीपुर एसीजेएम कोर्ट ने पहले ही उन्हें तीन माह की सजा और ब्याज सहित लोन वापस करने का आदेश सुनाया था। आरोपी ने इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी, लेकिन हाई कोर्ट ने उन्हें लोअर कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया।
कोर्ट में चारपाई पर पेश होने के बावजूद जज ने आरोपी के बहाने को स्वीकार नहीं किया और उन्हें चारपाई पर ही जेल भेज दिया। वादी के वकील का कहना है कि रामदरश सजा और लोन चुकाने से बचने के लिए यह नाटक कर रहे थे।
इस घटना के बाद कोर्ट परिसर में खाट पर आरोपी के पहुंचने की चर्चा वकीलों और लोगों के बीच जोर-शोर से रही।
