
नई दिल्ली, 21 फरवरी 2026। टी20 विश्व कप 2026 में 20 टीमों ने हिस्सा लिया, लेकिन सुपर-8 में सिर्फ 8 टीमें ही जगह बना सकीं। 12 टीमों का सफर पहले ही दौर में समाप्त हो गया। इन टीमों के कई बड़े खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जिससे उनके अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर पर सवाल खड़े हो गए हैं। बढ़ती उम्र और गिरते प्रदर्शन को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि 2028 में होने वाले अगले टी20 विश्व कप में इन खिलाड़ियों की वापसी लगभग नामुमकिन नजर आती है।
1. ग्लेन मैक्सवेल (ऑस्ट्रेलिया)
ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल अब 37 वर्ष के हो चुके हैं। इस विश्व कप में उनका बल्ला खामोश रहा और गेंदबाजी में भी वह प्रभाव नहीं छोड़ सके। पिछले टी20 विश्व कप के बाद से उनके नाम सिर्फ एक अर्धशतक है। टीम से बाहर होने के बाद ऑस्ट्रेलिया अब युवा खिलाड़ियों पर दांव लगा सकता है, जिससे मैक्सवेल की वापसी मुश्किल दिख रही है।
2. रूलोफ वैन डेर मेरवे (नीदरलैंड)
नीदरलैंड के अनुभवी ऑलराउंडर रूलोफ वैन डेर मेरवे इस टूर्नामेंट के सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों में शामिल थे। चार मैचों में उन्होंने केवल 14 रन बनाए और गेंदबाजी में सिर्फ एक विकेट हासिल किया। ऐसे प्रदर्शन के बाद उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर लगभग समाप्ति की ओर माना जा रहा है।
3. जतिंदर सिंह (ओमान)
ओमान के कप्तान जतिंदर सिंह से टीम को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। इस विश्व कप में उन्होंने 7, 1, 5 और 17 रन की पारियां खेलीं। उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय स्ट्राइक रेट भी लगभग 120 का है, जो आधुनिक टी20 क्रिकेट के मानकों के हिसाब से साधारण माना जाता है। टीम के प्रदर्शन के साथ उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन भी सवालों के घेरे में है।
4. पॉल स्टर्लिंग (आयरलैंड)
आयरलैंड के कप्तान पॉल स्टर्लिंग लंबे समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। वर्ष 2025 के बाद से उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला है। इस विश्व कप के दौरान वह चोटिल भी हो गए, जिससे उनकी फिटनेस पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। ऐसे में 2028 तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने रहना उनके लिए बड़ी चुनौती होगा।
5. मोहम्मद नबी (अफगानिस्तान)
41 वर्षीय मोहम्मद नबी अफगानिस्तान क्रिकेट के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं। हालांकि कनाडा के खिलाफ एक मैच में उन्होंने 4 विकेट जरूर लिए, लेकिन बाकी मुकाबलों में उनका प्रदर्शन साधारण रहा। उम्र और टीम में उभरते युवा खिलाड़ियों को देखते हुए उनका अगला टी20 विश्व कप खेलना बेहद कठिन नजर आता है।
