
नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत अन्य के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट 9 मार्च को अगली सुनवाई करेगा।
गुरुवार को हाईकोर्ट ने गांधी परिवार और अन्य पक्षकारों को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोपियों को और समय देने पर आपत्ति जताई। मेहता ने कहा कि उन्हें दो महीने पहले ही नोटिस दिया गया था।
हाईकोर्ट ने पहले भी जारी किया था नोटिस
22 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने गांधी परिवार और अन्य को मुख्य पिटीशन के साथ-साथ ईडी की उस याचिका पर भी नोटिस जारी किया था, जिसमें 16 दिसंबर के ट्रायल कोर्ट के ऑर्डर पर रोक लगाने की मांग की गई थी। ईडी ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
ट्रायल कोर्ट ने चार्जशीट पर नहीं लिया संज्ञान
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने आदेश दिया था कि ईडी चाहें तो इस मामले में अपनी जांच जारी रख सकती है। इसी आदेश के खिलाफ अब ईडी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
मामला क्या है
ईडी की चार्जशीट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, साथ ही यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है। एजेंसी का आरोप है कि इन लोगों ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को अवैध तरीके से अपने कब्जे में लिया।
ईडी का दावा है कि जांच में फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अहम सबूत सामने आए हैं। एजेंसी का कहना है कि एजेएल की संपत्तियों को कम कीमत पर हासिल करने की साजिश रची गई और इसके जरिए अवैध लाभ उठाया गया।
