Thursday, February 19

कभी मन में आया था आत्महत्या का ख्याल, फिर बना दिया 500 करोड़ का फैशन एंपायर

नई दिल्ली: संघर्षों और मुश्किलों से गुजरकर सफलता पाने वाले लोगों की कहानियां हमेशा प्रेरणादायक होती हैं। ऐसा ही उदाहरण हैं फैशन डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी, जिनकी ब्रांड ‘सब्यसाची’ आज दुनिया भर में लग्जरी, विरासत और बेहतरीन कारीगरी का प्रतीक बन गई है।

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बचपन और शुरुआती संघर्ष

सब्यसाची का जन्म 1974 में कोलकाता के एक मिडिल क्लास परिवार में हुआ। उनके पिता बांग्लादेश से आए रिफ्यूजी थे। जूट इंडस्ट्री के संकट और पारिवारिक आर्थिक तंगी ने उनके बचपन को मुश्किलों भरा बना दिया। इन परिस्थितियों ने उनके चरित्र, क्रिएटिव सोच और भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाई।

पढ़ाई और आंतरिक संघर्ष

बचपन से ही सब्यसाची कला और डिजाइन की दुनिया में रुचि रखते थे। कोलकाता की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने उनकी कल्पना को पंख दिए। हालांकि पारंपरिक शिक्षा में उनकी रुचि कम थी और निजी परेशानियों ने उन्हें गहरे मानसिक दबाव में डाल दिया। इस दौरान उन्होंने आत्महत्या का विचार भी किया। सब्यसाची ने कहा कि डिप्रेशन ने उन्हें स्पष्टता, समझ और अपने क्रिएटिव काम के लिए मकसद ढूंढने की हिम्मत दी।

फैशन एंपायर का निर्माण

1990 के दशक की शुरुआत में सब्यसाची ने अपना करियर शुरू किया। उनकी खास शैली, जिसमें भारतीय विरासत को मॉडर्न टच के साथ पेश किया गया, ने उन्हें बाकियों से अलग पहचान दिलाई। 1999 में कोलकाता में पहला स्टूडियो खोलकर उन्होंने अपने बिजनेस सफर की शुरुआत की।

उनका ब्राइडल कलेक्शन और पारंपरिक परिधान जल्द ही धूम मचाने लगे। उनके डिजाइन सिर्फ कपड़े नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और कला का जश्न थे। बॉलीवुड और शाही परिवारों के बड़े-बड़े नाम उनके क्लाइंट बन गए। अमिताभ बच्चन, रानी मुखर्जी, प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण जैसे सितारे उनके नियमित ग्राहक बन गए।

कारोबार और ग्लोबल विस्तार

साल 2020 तक उनकी कंपनी का अनुमानित टर्नओवर 275 करोड़ रुपये था। 2021 में सब्यसाची ने अपने ब्रांड का 51% हिस्सा आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड (ABFRL) को 398 करोड़ रुपये में बेचा। पिछले साल उनका अनुमानित टर्नओवर 500 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। द वीक के अनुसार, सब्यसाची अब अपने ब्रांड को 2030 तक 2 बिलियन डॉलर का ग्लोबल लग्जरी पावरहाउस बनाने का लक्ष्य रखते हैं।

प्रेरणा का संदेश

सब्यसाची की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की सफलता की नहीं, बल्कि कठिनाइयों और मानसिक संघर्ष पर जीत, हिम्मत और जुनून की मिसाल है। यह कहानी हर उस इंसान के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को सच करना चाहता है।

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