Wednesday, February 18

18 फरवरी का इतिहास: पहली बार प्लेन पर चढ़ी गाय, समझौता एक्सप्रेस धमाका और विश्व की बड़ी घटनाएं

18 फरवरी का दिन इतिहास में कई अनोखी और महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए याद रखा जाता है। भारत और दुनिया दोनों में इस दिन दर्ज कई घटनाएं हैं, जिनमें कुछ दिलचस्प और कुछ दुखद भी हैं।

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पहली गाय ने हवाई जहाज में उड़ान भरी

18 फरवरी 1930 को अमेरिका में एम फार्म ओली (Elm Farm Ollie) नामक गाय ने पहली बार प्लेन में सफर किया। यह Guernsey ब्रेड की गाय थी और इसका वजन 450 किलो से अधिक था। ओली को ‘Sky Queen’ भी कहा गया। उड़ान के दौरान वैज्ञानिकों ने इसका दूध हवा में ही निकाला और नीचे पैराशूट से कंटेनर में गिराया गया। यह स्टंट न केवल पब्लिसिटी के लिए था बल्कि उच्च ऊंचाई पर दूध निकालने की प्रक्रिया पर अध्ययन का अवसर भी था।

भारत में प्रमुख घटनाएं

  • 1911: इलाहाबाद से 10 किमी दूर उत्तर प्रदेश के नैनी तक पहली एयरमेल फ्लाइट। पायलट हेनरी पेके ने 6,500 चिट्ठियां डिलीवरी की।

  • 1946: बॉम्बे में रॉयल इंडियन नेवी म्यूटिनी, जिसमें 78 जहाज और 20 हजार नाविक शामिल।

  • 2007: हरियाणा के पानीपत के पास समझौता एक्सप्रेस में बम धमाका, जिसमें 70 लोग मारे गए।

विश्व में 18 फरवरी की यादगार घटनाएं

  • 1787: रोमन बादशाह जोसेफ-2 ने 8 साल से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी पर पाबंदी।

  • 1804: अमेरिका की पहली यूनिवर्सिटी Ohio University की स्थापना।

  • 1930: अमेरिकी खगोलशास्त्री क्लाईड टॉमबाग ने छोटे ग्रह प्लूटो की खोज।

  • 1968: ब्रिटेन में BST (British Standard Time) का ट्रायल शुरू।

  • 1970: अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने Nixon Doctrine लॉन्च।

  • 2018: ईरान में Aseman Airlines का प्लेन क्रैश, सभी 66 लोग मारे गए।

जन्मदिन विशेष

  • चैतन्य महाप्रभु (1486, नवदीप, भारत) – बंगाली संत और चैतन्य आंदोलन के प्रवर्तक।

  • Mary I (1516, इंग्लैंड) – इंग्लैंड की रानी, जिन्हें ब्लडी मेरी भी कहा जाता है।

  • Alessandro Volta (1745, इटली) – पहली बैटरी के आविष्कारक।

  • रामकृष्ण परमहंस (1836, बंगाल) – महान हिंदू संत और दार्शनिक, जिन्होंने सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया।

  • Harry Brearley (1871, इंग्लैंड) – स्टेनलेस स्टील के आविष्कारक।

  • Madan Lal Dhingra (1883, कोलकाता) – स्वतंत्रता संग्राम सेनानी।

रामकृष्ण परमहंस का जीवन

बंगाल में जन्मे रामकृष्ण परमहंस ने सभी धर्मों में समानता और मानव सेवा का संदेश दिया। बचपन में ही उन्होंने आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया। 1885 में 49 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ। बेलूर मठ में उनकी और उनकी पत्नी शारदा देवी की मूर्तियां स्थापित हैं।

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