
नई दिल्ली: देश में महंगी और उच्च क्षमता वाली मोटरसाइकिल्स की बिक्री में लगातार तेजी आ रही है। खासकर 125 सीसी और उससे अधिक इंजन क्षमता वाली बाइक्स की मांग में बढ़ोतरी हुई है। इस वित्तीय वर्ष के पहले 10 महीनों में इस सेगमेंट की बिक्री 26 प्रतिशत बढ़ी है। आमतौर पर इन बाइक्स की कीमत 80,000 रुपये से शुरू होती है।
सरकार द्वारा सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में कटौती किए जाने से महंगी बाइक्स की कीमतों में कमी आई और उपभोक्ताओं की पसंद में बदलाव हुआ। क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी दरों में बदलाव के बाद मोटरसाइकिल की बिक्री में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है।
किसे फायदा और किसे नुकसान?
हालांकि अब भी 125 सीसी तक के एंट्री लेवल मॉडल का दबदबा बना हुआ है और कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी 73% है, लेकिन धीरे-धीरे 150 से 350 सीसी वाले प्रीमियम मॉडल की मांग बढ़ रही है। इस सेगमेंट की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2025 में 23% थी, जो इस वित्तीय वर्ष में बढ़कर 25% हो गई है।
ग्राहकों की बदलती पसंद का सबसे ज्यादा फायदा रॉयल एनफील्ड और टीवीएस मोटर को हुआ है। Jefferies Research की रिपोर्ट के अनुसार:
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रॉयल एनफील्ड: 125 सीसी प्लस बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 32% (फाइनेंशियल ईयर 2020 में 27%)
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टीवीएस मोटर: हिस्सेदारी बढ़कर 19% (पहले 15%)
वहीं, इस दौरान बजाज ऑटो की बाजार हिस्सेदारी घटकर 32% से 22% रह गई है।
विश्लेषकों के अनुसार, कीमतों में कमी और उपभोक्ताओं की बदलती पसंद से प्रीमियम बाइक्स का रुझान और मजबूत होगा।
