Wednesday, February 18

EPFO ब्याज दर पर फैसला 2 मार्च को, तीसरे साल भी 8.25% बनी रहने की संभावना

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपनी ब्याज दर पर फैसला लेने वाला है। सूत्रों के अनुसार, लगातार तीसरे साल ईपीएफओ की ब्याज दर 8.25 प्रतिशत पर यथावत रखने की संभावना है।

This slideshow requires JavaScript.

ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की अगली बैठक 2 मार्च 2026 को आयोजित होगी, जिसमें सब्सक्राइबरों के लिए ब्याज दर का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस वित्तीय वर्ष के लिए ईपीएफओ के पास निवेश से पर्याप्त सरप्लस मौजूद है, जिससे ब्याज दर स्थिर रखी जा सकेगी।

ईपीएफओ का कुल फंड 28 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। नए निवेश अवसरों और भविष्य में संभावित कम रिटर्न को ध्यान में रखते हुए संगठन आगामी वर्षों के लिए निवेश रणनीति पर भी विचार कर रहा है।

ईपीएफओ के निवेश का ढांचा

ईपीएफओ अपने फंड में आने वाले नए धन का:

  • 45-65% सरकारी प्रतिभूतियों में,

  • 20-45% बॉन्ड जैसे अन्य डेट इंस्ट्रूमेंट में,

  • 5-15% ईटीएफ के जरिए इक्विटी में, और

  • 5% तक शॉर्ट टर्म डेट में निवेश करता है।

इसके अलावा, ईपीएफओ एक इंटरेस्ट स्टेबलाइजेशन रिजर्व फंड पर भी काम कर रहा है, जो सदस्यों को किसी भी अस्थिरता के बावजूद स्थिर और सुसंगत ब्याज दर प्रदान करेगा।

सुधारों की उम्मीद

सीबीटी, जो ईपीएफओ का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है और जिसका नेतृत्व श्रम और रोजगार मंत्री करते हैं, पिछली बैठक में पीएफ फंड से आसान निकासी के लिए कई सुधारों की घोषणा कर चुका है।

सूत्रों के अनुसार, इस बार भी सीबीटी सदस्यों के लिए लेनदेन को सुचारु बनाने के उद्देश्य से और अधिक सुधार लागू कर सकता है। इसमें वेबसाइट का तकनीकी अपग्रेडेशन, विदड्रॉल और क्लेम सेटेलमेंट में तेजी लाने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, बैठक के एजेंडे की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

Leave a Reply