
नई दिल्ली: हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए FASTag रिचार्ज और एनुअल पास पर भारी डिस्काउंट का झांसा देकर साइबर अपराधी ठगी कर रहे हैं। स्कैमर्स NHAI के नाम और लोगो का गलत इस्तेमाल करके फर्जी वेबसाइटें बनाते हैं और गूगल सर्च में उन्हें सबसे ऊपर दिखाकर लोगों को फंसाते हैं।
फर्जी वेबसाइट और स्कैम का तरीका
हाल ही में चंडीगढ़ के 65 वर्षीय नागरिक के साथ ऐसा स्कैम हुआ। साइबर अपराधी SEO तकनीक का इस्तेमाल करके नकली वेबसाइटों को सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर लाते हैं। ये वेबसाइटें बिल्कुल असली जैसी दिखती हैं – नाम, लोगो और URL तक असली जैसी बनाई जाती हैं।
लोग जब इन फर्जी साइटों पर क्लिक करते हैं, तो उनसे व्हीकल नंबर, FASTag नंबर और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी मांगी जाती है। डिस्काउंट के लालच में कई लोग पेमेंट कर देते हैं, लेकिन रिचार्ज या एनुअल पास उन्हें नहीं मिलता। इसके बजाय उनकी बैंक डिटेल स्कैमर्स के हाथ लग जाती हैं और पेमेंट अक्सर Mule अकाउंट में चला जाता है।
बचाव के तरीके
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ CyberDost I4C के अनुसार:
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FASTag रिचार्ज और एनुअल पास केवल राजमार्ग यात्रा (Rajmargyatra) मोबाइल ऐप या NHAI की ऑफिशियल वेबसाइट से ही करें।
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सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी डिस्काउंट वाले विज्ञापन पर भरोसा न करें।
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गूगल सर्च में पहले रिजल्ट को हमेशा आधिकारिक न मानें।
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केवल ऑफिशियल चैनल से ही पेमेंट करें।
विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी ऑफर के लालच में फंसने से बचने की अपील की है।
