
इस्लामाबाद, 17 फरवरी 2026: भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के किराना हिल्स पर रणनीतिक हमला कर अपनी ताकत का संदेश दिया। यह वही घटना है जिसने पाकिस्तान को संघर्ष विराम की गुहार लगाने पर मजबूर कर दिया। इस खुलासे का ज़िम्मेदार माना जा रहा है जाने-माने एरियल वॉरफेयर एनालिस्ट और इतिहासकार टॉम कूपर ने।
कूपर के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने किराना हिल्स के नीचे स्थित पाकिस्तान की गुप्त न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाया। यह वही स्थान है, जहाँ पाकिस्तान के कथित तौर पर कई परमाणु हथियार सुरक्षित रखे गए हैं।
पाकिस्तान के अपने वीडियो में दिखे सबूत
कूपर ने बताया कि पाकिस्तानियों ने कम से कम दो वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए हैं, जिनमें मिसाइलों को लक्ष्य की ओर जाते और किराना हिल्स की पहाड़ी से टकराते हुए देखा जा सकता है। इसके अलावा, एक वीडियो में रडार स्टेशन से धुआं उठता दिखा, जिसे उन्होंने पाकिस्तान एयर फ़ोर्स के मुख्य रडार स्टेशन, संभवतः 4091वें स्क्वाड्रन का बताया।
टॉम कूपर के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने पहले रडार स्टेशनों पर हमला कर पाकिस्तानी हमले की क्षमता को नाकाम किया और फिर कम से कम दो भूमिगत स्टोरेज सुविधाओं के प्रवेश द्वारों पर निशाना साधा। इनमें किराना हिल्स भी शामिल है, जो पाकिस्तान के न्यूक्लियर प्रोग्राम का अहम केंद्र माना जाता है।
संदेश स्पष्ट: भारत कहीं भी, कभी भी
कूपर ने आगे कहा कि 2024 में किराना हिल्स में पाकिस्तान ने नॉन-क्रिटिकल न्यूक्लियर टेस्ट किया था। यह हमला कोई आम आक्रामकता नहीं थी, बल्कि एक साफ़ संदेश था कि भारत जब चाहे, जहां चाहे, उतनी ताकत से हमला कर सकता है।
पाकिस्तान ने मांगी सीजफायर की भीख
कूपर ने खुलासा किया कि इस हमले के बाद पाकिस्तान ने वाशिंगटन और नई दिल्ली से सीजफायर की गुहार लगाई। हालांकि यह असली भीख नहीं थी, बल्कि एक तरह से संदेश देने का माध्यम था कि वह भारत की ताकत के सामने कितनी संवेदनशील स्थिति में है।
इस ऑपरेशन ने न केवल क्षेत्रीय संतुलन पर असर डाला, बल्कि यह स्पष्ट कर दिया कि भारत की स्ट्राइक क्षमता और रणनीतिक दूरदर्शिता अब किसी भी विवाद को नियंत्रित करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
