
पुणे: महाराष्ट्र कांग्रेस के चीफ हर्षवर्धन सपकाल ने टीपू सुल्तान और छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना करने वाले अपने विवादित बयान पर अब माफी मांगी है। उनके इस बयान ने राज्य में राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया था।
विवाद का कारण
सपकाल ने कथित तौर पर अपने बयान में मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज और 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान के बीच समानताएं बताई थीं। इस बयान के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक घमासान मच गया और कई हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया।
बीजेपी पर आरोप
हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि उनका कभी भी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया, जिससे छत्रपति शिवाजी महाराज के अनुयायियों को ठेस पहुंची। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, “मेरा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था।”
ऐतिहासिक तुलना पर सवाल
इस विवाद के दौरान सपकाल ने शिवाजी महाराज की बहादुरी और उनके ‘स्वराज्य’ के विजन का उल्लेख किया और प्रतिरोध की इसी तरह की भावना के उदाहरण के तौर पर टीपू सुल्तान के अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के आह्वान को पेश किया। हालांकि, इस पर उन पर आरोप लगे कि वह दो ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को एक ही जगह पर रख रहे थे।
एफआईआर और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले के बाद पुणे में हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सपकाल की कड़ी आलोचना की और कहा कि महाराष्ट्र शिवाजी महाराज का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।
