
मुंबई: डेनिश बियर निर्माता कार्ल्सबर्ग अपनी भारतीय इकाई को शेयर बाजार में लिस्ट कराने पर विचार कर रही है। कंपनी की यह योजना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के जरिए हो सकती है। कार्ल्सबर्ग इंडिया के सीईओ जैकब आरूप-एंडरसन ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि यह अभी प्रारंभिक चर्चा है और कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
सीईओ का बयान
सीईओ ने इन्वेस्टर्स कॉल के दौरान कहा, “हम आज इस बात की पुष्टि करते हैं कि हम भारतीय इकाई के आईपीओ के बारे में सोच रहे हैं। फिलहाल यह सिर्फ शुरुआती चर्चा है। अगर हम आगे बढ़ने का फैसला करते हैं तो और जानकारी साझा करेंगे।”
क्यों महत्वपूर्ण है यह आईपीओ
कार्ल्सबर्ग भारत को अपने सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक मानती है। बियर इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, कंपनी अपने भारतीय कारोबार से अधिक वैल्यू निकालना चाहती है।
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वित्त वर्ष 2023-24 में नेट प्रॉफिट: 323 करोड़ रुपये (61% वृद्धि)
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सेल्स: 8,045 करोड़ रुपये (15% वृद्धि)
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भारत में कंपनी की कुल बियर बिक्री लगभग 6 मिलियन हेक्टोलीटर है।
कंपनी का यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत में प्रीमियम बियर की मांग लगातार बढ़ रही है और कार्ल्सबर्ग ने अपने मार्केट शेयर को कई राज्यों में मजबूत किया है।
कंपनी का इतिहास और विस्तार
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2007 में कार्ल्सबर्ग ने नेपाल की खेतान ग्रुप के साथ मिलकर भारत में शुरुआत की थी।
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हाल के वर्षों में डेनिश कंपनी ने खेतान का हिस्सा खरीदकर भारत में 100% मालिकाना हक हासिल किया।
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कंपनी ने भारत में पूंजीगत व्यय और सेल्स/मार्केटिंग निवेश बढ़ाया है।
प्रतिस्पर्धा
भारत में कार्ल्सबर्ग की मुख्य प्रतिद्वंद्वी यूनाइटेड ब्रुअरीज (UB) है।
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UB की बिक्री कार्ल्सबर्ग से दोगुनी है, लेकिन नेट प्रॉफिट केवल 25% ज्यादा है।
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UB भारत के चुनिंदा बाजारों में मेनस्ट्रीम और प्रीमियम ब्रांड्स पर फोकस करती है।
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कार्ल्सबर्ग इंडिया का अनुमानित वैल्यूएशन लगभग 30,000-35,000 करोड़ रुपये है, जबकि UB का मार्केट कैप 42,500 करोड़ रुपये है।
