Tuesday, February 17

मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन बिहार में अफरातफरी एंट्री के लिए छात्रों ने फांदी दीवार, गेट पर लटकी छात्राएं, कई केंद्रों पर हंगामा

पटना/आरा/बेगूसराय। बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 की शुरुआत मंगलवार को होते ही राज्य के कई जिलों में अव्यवस्था और हंगामे के दृश्य सामने आए। परीक्षा के पहले ही दिन पटना, आरा और बेगूसराय के कई परीक्षा केंद्रों पर देर से पहुंचे परीक्षार्थियों ने प्रवेश पाने के लिए बाउंड्री वॉल फांदने की कोशिश की। कई जगहों पर छात्र-छात्राएं गेट पर लटकते और दीवार चढ़ते नजर आए, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

This slideshow requires JavaScript.

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी रही कि दीवार फांदकर अंदर घुसने के बाद भी कई छात्रों को परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं मिला। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कई परीक्षार्थियों को बाहर निकाल दिया।

पटना के मिलर स्कूल में 10 फीट दीवार फांदकर घुसे छात्र

पटना के प्रसिद्ध मिलर स्कूल परीक्षा केंद्र पर सबसे चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला। परीक्षा शुरू होने से पहले तय समय सीमा समाप्त होने के बाद जब गेट बंद कर दिया गया, तो कई छात्र दीवार फांदकर परिसर में दाखिल हो गए। बताया गया कि दीवार करीब 10 फीट ऊंची थी, इसके बावजूद परीक्षार्थियों ने जोखिम उठाकर अंदर जाने का प्रयास किया।

हालांकि पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पकड़कर बाहर निकाल दिया और परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इससे नाराज छात्रों ने हंगामा किया और प्रवेश देने की गुहार लगाई, लेकिन प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए कोई ढील नहीं दी।

रविंद्र बालिका विद्यालय में भी देर से पहुंची छात्राएं परेशान

राजेंद्र नगर स्थित रविंद्र बालिका विद्यालय परीक्षा केंद्र पर भी देर से पहुंची छात्राएं प्रवेश के लिए विनती करती नजर आईं। कई छात्राएं गेट के बाहर रोती-बिलखती रहीं, लेकिन निर्धारित समय निकल जाने के कारण उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया।

आरा में अभ्यर्थियों का बवाल, गेट तोड़ने की कोशिश

भोजपुर जिले के आरा में भी परीक्षा केंद्रों पर स्थिति तनावपूर्ण रही। राजकीय कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय में देर से पहुंची एक छात्रा को प्रवेश दिलाने के लिए अभिभावकों ने गेट तोड़ने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर छात्रा को स्कूल की बाउंड्री वॉल के सहारे अंदर भेजा गया।

हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज तक करना पड़ा।

बेगूसराय में गेट बंद होते ही दीवार चढ़ते दिखे छात्र-छात्राएं

बेगूसराय में भी मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन कई परीक्षार्थी निर्धारित समय से देर से पहुंचे। एसके महिला कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कुछ छात्राएं 15 मिनट देर से पहुंचीं, तो गेट बंद था। इसके बाद कुछ छात्र और छात्राएं बाउंड्री फांदकर अंदर दाखिल होने लगे।

बताया गया कि कई परीक्षार्थियों को भ्रम था कि 9:30 बजे तक प्रवेश मिलेगा, जबकि प्रशासन के अनुसार अंतिम प्रवेश समय सुबह 9 बजे तय था। इसी भ्रम के कारण परीक्षा केंद्रों पर अफरातफरी मची।

दो मिनट की देरी भी बनी परेशानी

बेगूसराय के एक इंटर स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा मात्र दो मिनट की देरी से पहुंची, तो गेट बंद मिला। छात्रा गेट के नीचे बैठकर प्रवेश के लिए विनती करती रही। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने उसे डांट-फटकार के बाद अंदर जाने दिया।

राज्यभर में 1699 केंद्रों पर 15 लाख से अधिक परीक्षार्थी

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में इस वर्ष कुल 15 लाख 12 हजार 687 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 7 लाख 85 हजार 726 छात्राएं शामिल हैं। राज्यभर में परीक्षा 1699 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जा रही है।

पटना जिले में 71 हजार 22 परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा 2:00 बजे से 5:15 बजे तक निर्धारित है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, दो लेयर में जांच

कदाचार मुक्त परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आया। हर केंद्र पर दो लेयर में परीक्षार्थियों की जांच की जा रही है। मुख्य द्वार पर जांच के बाद अंदर पंडाल में दोबारा चेकिंग की व्यवस्था की गई है।

जिला शिक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि कोई परीक्षार्थी दीवार फांदकर या जबरन परीक्षा केंद्र में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नियमों की सख्ती बनाम छात्रों की मजबूरी

मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन सामने आई तस्वीरों ने एक बार फिर बिहार में परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर प्रशासन कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए सख्ती पर अड़ा है, वहीं दूसरी ओर देर से पहुंचने वाले छात्रों की हड़बड़ी और अव्यवस्था ने परीक्षा केंद्रों को रणक्षेत्र जैसा बना दिया।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन आने वाले दिनों में प्रवेश व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए क्या कदम उठाता है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Leave a Reply