Thursday, June 11

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बगीचे के लिए रसोई का सुपर बूस्टर: पौधों में छाछ डालें, बढ़ें फूल और पत्तियां

नई दिल्ली। पौधों की देखभाल के लिए अक्सर महंगे फर्टिलाइजर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। गार्डनिंग एक्सपर्ट विदुषी मलिक के अनुसार, रसोई में मौजूद साधारण छाछ भी आपके बगीचे की पूरी कायापलट कर सकती है। छाछ का सही इस्तेमाल करने पर पौधों की पत्तियां बड़ी, हरी और चमकदार बनती हैं और फूलों की संख्या भी बढ़ती है।

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पत्तियों को बड़ा और हरा बनाने का राज

विदुषी मलिक बताती हैं कि छाछ में मौजूद गुड बैक्टीरिया और कैल्शियम-पॉस्फोरस जैसी सूक्ष्म पोषक तत्व मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं। उनके बगीचे में करी पत्ते की पत्तियों की चौड़ाई 4.5 सेमी और गुलाब की पत्तियों की चौड़ाई 5 सेमी तक है। छाछ न केवल पत्तियों को बड़ा बनाती है, बल्कि उन्हें गहरा हरा और चमकदार भी रखती है।

छाछ डालने का सही अनुपात

छाछ को कभी सीधे पौधों में न डालें, क्योंकि यह एसिडिक होती है। एक्सपर्ट की सलाह है कि एक भाग छाछ को पांच भाग पानी में मिलाकर पतला किया जाए। उदाहरण के लिए, एक गिलास छाछ में पांच गिलास पानी मिलाएं। यह हल्का घोल पौधों की जड़ों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और असरदार होता है।

फूलों वाले पौधों में इस्तेमाल

गुलाब, गुड़हल और अपराजिता जैसे फूलों वाले पौधों के लिए छाछ बेहतरीन बूस्टर है। यह मिट्टी के pH लेवल को संतुलित करता है, जिससे कलियों की संख्या बढ़ती है और फूलों का आकार भी बड़ा होता है। अगर गुलाब के पौधों में फूल नहीं आ रहे हैं, तो 15 दिन में एक बार यह घोल इस्तेमाल करें।

सब्जियों और करी पत्ते के लिए फायदेमंद

टमाटर, मिर्च, बैंगन और करी पत्ते जैसे पौधों में छाछ डालने से उनकी ग्रोथ तेज होती है। करी पत्ता विशेष रूप से इससे खुशबूदार और कीटों से सुरक्षित रहता है। पौधों में नई शाखाएं तेजी से निकलती हैं और बेल या झाड़ी तेजी से फैलती है।

नेचुरल फंगीसाइड का काम

छाछ न केवल खाद है, बल्कि प्राकृतिक फंगीसाइड का काम भी करती है। अगर पत्तियों पर सफेद धब्बे या फंगस दिख रहे हैं, तो पतला छाछ का घोल स्प्रे बोतल से छिड़कें। इससे पत्तियां संक्रमण से सुरक्षित रहती हैं और पौधे हेल्दी रहते हैं।

इस्तेमाल का सही समय और सावधानियां

  • छाछ का घोल हमेशा सुबह या शाम को सूरज ढलने के बाद डालें।

  • दोपहर की तेज धूप में इसका इस्तेमाल न करें।

  • छाछ में नमक या चीनी बिल्कुल न हो।

  • महीने में दो बार इस्तेमाल पर्याप्त है।

विदुषी मलिक के अनुसार, यह आसान और प्राकृतिक तरीका आपके बगीचे को हरा-भरा और फूलों से लदा रख सकता है, बिना महंगे फर्टिलाइजर के खर्च के।

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