
संभल (वैभव पांं) – उत्तर प्रदेश के संभल में एक मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक ने अपनी शादी की मन्नत पूरी होने के बाद पति अमन त्यागी के साथ हरिद्वार से पैदल कांवड़ यात्रा की। इस यात्रा में उन्होंने बुर्का पहनकर कांवड़ लेकर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। यह कदम चर्चा का विषय बन गया और सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क तथा मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इस पर आपत्ति जताई।
तमन्ना का करारा जवाब
तमन्ना मलिक ने कहा कि उनका कोई धर्म परम्परागत तौर पर तय नहीं है और वे हिंदू और इस्लाम दोनों त्योहारों को मानती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुर्का पहनना उनका व्यक्तिगत अधिकार है। तमन्ना ने कहा, “कुछ लोग कहते हैं कि बुर्का मेरे बाप की जागीर नहीं, तो मैं कहना चाहती हूं कि उनका भी बुर्का किसी के पास जागीर नहीं है। सबकी अपनी मर्जी है, मैं अपने मन से पहनकर कांवड़ लेकर आई हूं।”
सांसद और मौलाना के बयान पर पलटवार
अमन त्यागी ने कहा कि संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क हमेशा विवादों में रहते हैं और उन पर बिजली का बिल चोरी का भी आरोप है। उन्होंने कहा कि बुर्का पहनने को लेकर उनके परिवार या पति को कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन मौलाना शहाबुद्दीन को दिक्कत हो रही है। अमन ने कहा, “संभल में शांति है, गलत बयानबाजी कर झगड़े का माहौल न बनाया जाए।”
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा था कि इस्लाम का अनुयायी दूसरे धर्म के धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले सकता और बुर्का पहनकर कांवड़ लाना नाजायज है। तमन्ना ने इसे भी खारिज करते हुए कहा कि मौलाना हद पार कर रहे हैं और उनका लिखा हुआ कानून नहीं है।
हरिद्वार से कांवड़ यात्रा
तमन्ना और अमन ने नैमिषारण्य स्थित क्षेमनाथ तीर्थ मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर जलाभिषेक किया। तमन्ना मलिक की इस पहल ने सोशल मीडिया और स्थानीय जनता में हलचल मचा दी है।
