Monday, February 16

पड़ोसी को बेचें सोलर बिजली, मोबाइल ऐप से तय होंगे दाम – दिल्ली में शुरू हो रही नई व्यवस्था

नई दिल्ली: अब दिल्ली के उपभोक्ता अपनी छत पर लगे सोलर पैनल से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली अपने पड़ोसियों को बेच सकेंगे। दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने राजधानी में पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के लिए वर्चुअल नेट मीटरिंग की नई गाइडलाइंस जारी की हैं।

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तीनों बिजली वितरण कंपनियों – बीएसईएस, टाटा पावर डीडीएल और एनडीएमसी – को अपने क्षेत्र में 1,000-1,000 कंज्यूमर्स तैयार करने हैं। इस नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता आपस में बिजली खरीद-फरोख्त कर सकते हैं। इसे पीयर-टू-पीयर ऊर्जा व्यापार कहा गया है।

कैसे काम करेगी व्यवस्था

वर्चुअल नेट मीटरिंग में एक ही सोलर प्लांट की बिजली को कई उपभोक्ताओं के बीच बांटा जा सकता है, भले ही उनके अलग-अलग मीटर हों। उदाहरण के लिए, एक बिल्डिंग के 20 लोग मिलकर कहीं और जमीन पर सोलर प्लांट लगा सकते हैं और बिजली अपने-अपने मीटर के अनुसार उपयोग कर सकते हैं।

डिजिटल और सुरक्षित लेनदेन

बिजली बेचने वाले उपभोक्ता के पास रूफटॉप सोलर प्लांट और नेट मीटरिंग की सुविधा होना जरूरी है। खरीददार को स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है। दोनों पक्ष मोबाइल ऐप के जरिए बिजली की दरें तय करेंगे और लेनदेन पूरी तरह से डिजिटल और सुरक्षित होगा।

फायदे

  • अतिरिक्त सोलर बिजली बेचकर आय अर्जित की जा सकेगी।

  • खरीदारों को डिस्कॉम दरों की तुलना में कम दर पर बिजली मिलेगी।

  • प्रक्रिया पारदर्शी और सभी उपभोक्ताओं के लिए आसान बनाई गई है।

इस कदम से दिल्ली में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ेगा और उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ मिलेगा।

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