
नई दिल्ली, 14 फरवरी 2026: राजधानी दिल्ली में सरकारी IT इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ते साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली सरकार ने सख्त साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू करने का निर्देश जारी किया है।
सुरक्षा के खास उपाय
दिल्ली सरकार ने सभी डिपार्टमेंट, लोकल बॉडी, बोर्ड और कमीशन को निर्देश दिया है कि वे सरकारी और पब्लिक डेटा की सुरक्षा के लिए निम्न उपाय अपनाएँ:
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मजबूत पासवर्ड और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) का उपयोग।
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वेबसाइट और एप्लिकेशन का नियमित सिक्योरिटी ऑडिट।
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ऑफिस सिस्टम में एनॉनिमस लिंक, संदिग्ध वेबसाइट और अटैचमेंट खोलने से रोक।
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ऑफिशियल कम्युनिकेशन के लिए केवल NIC ईमेल ID का इस्तेमाल।
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थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म पर काम करने पर रोक।
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पायरेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल वर्जित, एंटीवायरस इंस्टॉल और नियमित अपडेट अनिवार्य।
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सभी डिवाइस, ऑपरेटिंग सिस्टम, सॉफ्टवेयर और SSL सर्टिफिकेट को अपडेट रखना।
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सेंसिटिव सिस्टम के लिए एक्सेस कंट्रोल और पासवर्ड शेयरिंग पर रोक।
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ऑफिस छोड़ने से पहले सिस्टम बंद करना और डेटा बैकअप शेड्यूल करना।
डेटा सुरक्षा का महत्व
डिपार्टमेंट के अधिकारी के अनुसार, “पब्लिक प्राइवेसी की सुरक्षा, गलत इस्तेमाल को रोकने और डिजिटल गवर्नेंस में भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत डेटा प्रोटेक्शन मैकेनिज्म जरूरी हैं।”
दिल्ली सरकार अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाकर वेलफेयर स्कीम के लिए यूनिफाइड डेटा हब बनाने की प्रक्रिया में है। इसमें फूड और सिविल सप्लाई, रेवेन्यू, पानी (दिल्ली जल बोर्ड), पावर, ट्रेड और टैक्स, और म्युनिसिपल रिकॉर्ड को इंटीग्रेट किया जाएगा, ताकि बेनिफिशियरी के ‘गोल्डन रिकॉर्ड’ बनाए जा सकें, डुप्लीकेशन खत्म हो और वेलफेयर डिलीवरी आसान हो।
साइबर घटना की स्थिति में कार्रवाई
किसी भी साइबर घटना के मामले में डिपार्टमेंट को तुरंत नेशनल साइबरक्राइम हेल्पलाइन 1930 या incident@cert-in.org.in और incident@nic-cert.nic.in पर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।
यह एडवाइजरी सभी एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, सेक्रेटरी, डिपार्टमेंट हेड, लोकल बॉडी, बोर्ड और कमीशन को भेजी गई है।
