
नई दिल्ली, 14 फरवरी 2026: दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (MCD) शहर में कचरा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा बदलाव करने जा रहा है। प्रस्तावित योजना के तहत सभी 12 जोन के वार्डों में एक दिन छोड़कर कचरा इकट्ठा करने का सिस्टम लागू किया जाएगा।
नया संग्रहण शेड्यूल
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गीला कचरा: सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार।
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सूखा कचरा: मंगलवार, गुरुवार और शनिवार।
यह बदलाव सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026 के तहत किया गया है, जो 2016 के नियमों को बदलते हुए 1 अप्रैल से पूरी तरह लागू होगा। नए नियमों के अनुसार कचरे को चार श्रेणियों में अलग करना अनिवार्य होगा—गीला, सूखा, सैनिटरी और स्पेशल केयर कचरा।
पायलट प्रोजेक्ट से शुरुआत
सर्कुलर के मुताबिक, डिप्टी कमिश्नर अपने असेसमेंट के आधार पर वार्ड-वाइज फेज़िंग प्लान तैयार कर सकते हैं। शुरुआत एक पायलट प्रोजेक्ट से होगी, जिसे सफल होने पर अन्य वार्डों में बढ़ाया जाएगा। यह तरीका 100% डोर-टू-डोर कलेक्शन को सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
सेंट्रलाइज्ड और डीसेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग
सर्कुलर में कहा गया है कि अलग किए गए कचरे को सेंट्रलाइज्ड और डीसेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग फैसिलिटी में भेजा जाएगा। इससे मौजूदा डंपसाइट पर बोझ कम होगा और नई प्रोसेसिंग यूनिट बनाने की दिशा में पहचान की जा सकेगी।
नोडल ऑफिसर और मॉनिटरिंग
हर वार्ड में नोडल ऑफिसर नियुक्त किया जाएगा जो कचरे के अलग करने, डोर-टू-डोर कलेक्शन की मॉनिटरिंग और बल्क-वेस्ट जेनरेटर के नियमों के पालन की जिम्मेदारी संभालेगा। MCD के ‘311’ ऐप पर सभी जेनरेटर की पहचान और रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया जाएगा, जिसमें बैंक्वेट हॉल, रिसॉर्ट, फार्महाउस, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन, होटल और मोटल शामिल हैं।
नियमों का पालन और इंसेंटिव
नियमों का पालन न करने वाले जेनरेटर को पेनल्टी नोटिस जारी किया जाएगा। वहीं, नियमों का पालन करने पर प्रॉपर्टी टैक्स में छूट जैसी इंसेंटिव भी दी जाएगी।
MCD का यह नया प्लान राजधानी में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
