
खंडवा, 14 फरवरी 2026 – महाशिवरात्रि पर्व के मद्देनज़र ओंकारेश्वर में दर्शन और यातायात व्यवस्था को लेकर तहसीलदार द्वारा अतिक्रमण के नाम पर जब्त मसालों को लेकर हंगामा फैल गया। व्यापारियों का आरोप है कि हल्दी, मिर्ची, धनिया और जीरे के पैकेटों को सुरक्षा के बजाय कोटवार और कुछ पुलिसकर्मी आपस में बांटते नजर आए।
महाशिवरात्रि व्यवस्था के नाम पर कार्रवाई
राजस्व विभाग ने शुक्रवार शाम को सड़क किनारे मसाले बेच रहे व्यापारियों का सामान जब्त कर ट्रैक्टर में भर लिया। व्यापारियों का कहना है कि वे वर्षों से उसी स्थान पर दुकान लगाते आ रहे हैं, लेकिन अचानक की गई यह कार्रवाई उनके लिए आश्चर्य और आक्रोश का कारण बनी।
जब्त माल की कथित लूट से भड़का विवाद
व्यापारी जब अपनी शिकायत लेकर मांधाता विधायक नारायण पटेल से मिलने ओंकारेश्वर पहुंचे, तो तहसील कार्यालय के पास अपने जब्त मसालों को बिखरा हुआ और कुछ लोग उसे बांटते हुए देखा। नाराज व्यापारियों ने तुरंत सड़क पर हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला नगर परिषद कार्यालय और मुख्य सड़क तक फैल गया।
तीन घंटे तक जारी हंगामा और विधायक की मध्यस्थता
हंगामे के दौरान महिला व्यापारियों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। स्थिति बिगड़ने पर विधायक नारायण पटेल को मौके पर बुलाना पड़ा। उन्होंने थाने को सूचना दी और अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था करवाई। 112 पुलिस वाहन घटनास्थल पर पहुंचे, जिसके बाद स्थिति पर आंशिक नियंत्रण पाया गया। विधायक ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब तीन घंटे तक चले हंगामे का अंत हुआ।
निष्कर्ष
ओंकारेश्वर का यह मामला व्यापारियों और प्रशासन के बीच विश्वास और जिम्मेदारी पर सवाल उठाता है। घटनास्थल पर हुए इस विवाद ने यह दिखाया कि बड़ी धार्मिक व्यवस्थाओं के दौरान प्रशासन और सुरक्षा बलों की पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण है।
