Saturday, February 14

टी20 विश्व कप 2026: बिहार के लाल सोहैब खान ने अपनाया धोनी का फॉर्मूला, यूएई को दिलाई रोमांचक जीत

नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने आखिरकार जीत का स्वाद चख लिया है। कनाडा के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में यूएई ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 151 रनों का लक्ष्य हासिल कर टूर्नामेंट में अपना खाता खोल दिया। इस जीत के नायक रहे बिहार के गया में जन्मे सोहैब खान, जिन्होंने दबाव के क्षणों में तूफानी बल्लेबाजी कर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

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कनाडा द्वारा दिए गए लक्ष्य का पीछा करते हुए यूएई की शुरुआत धीमी रही। 16 ओवर के बाद टीम सिर्फ 95 रन ही बना सकी थी और जीत मुश्किल नजर आ रही थी। लेकिन इसके बाद सोहैब खान और आर्यांश शर्मा ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए 17वें ओवर से काउंटर अटैक शुरू किया। दोनों ने अंतिम ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मैच को यूएई की झोली में डाल दिया। यूएई ने दो गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।

सोहैब ने धोनी के ‘शांत रहो’ मंत्र को बनाया जीत का हथियार

मैच के बाद सोहैब खान ने खुलासा किया कि उन्होंने यह पारी भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की रणनीति और मानसिकता से प्रेरित होकर खेली। सोहैब ने कहा—

“रणनीति बिल्कुल सरल थी। हमें हर ओवर में 12 रन चाहिए थे और जैसा एमएस धोनी कहते हैं, जब आप दबाव वाले मुकाबले में हों तो खुद पर भरोसा रखें और शांत रहें। मैं भी उसी सोच के साथ खेल रहा था।”

29 गेंदों में 51 रन, मैदान में मचाया तूफान

छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे सोहैब खान ने 29 गेंदों में 51 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 4 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। वहीं सलामी बल्लेबाज आर्यांश शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नाबाद 74 रन बनाए।

सोहैब और आर्यांश के बीच मात्र 42 गेंदों में 84 रन की तूफानी साझेदारी हुई, जिसने मैच का पासा पलट दिया। स्कोर बराबर होने के बाद सोहैब आउट हो गए, लेकिन तब तक जीत यूएई की पकड़ में आ चुकी थी और टीम ने आसानी से मुकाबला जीत लिया।

गया में जन्म, मेहनत और संघर्ष से यूएई टीम तक पहुंचे सोहैब

27 वर्षीय सोहैब खान का जन्म बिहार के गया जिले में हुआ था। उनके पिता अदीब खान पेशे से किसान हैं और उन्होंने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी। गांव में बेहतर स्कूल न होने के कारण उन्होंने सोहैब को गया के ज्ञान भारती स्कूल में दाखिला दिलाया। यहीं से सोहैब को क्रिकेट का जुनून चढ़ा।

स्कूल स्तर के बाद उन्होंने जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। आगे चलकर उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से समाजशास्त्र (Sociology) की पढ़ाई की। नौकरी के लिए सोहैब यूएई चले गए, जहां दिन में वह स्कॉट मार्केट कंपनी में नौकरी करते और रात में क्रिकेट का अभ्यास जारी रखते रहे।

सोहैब की यही मेहनत और संघर्ष अब टी20 विश्व कप के मंच पर रंग लाया और उन्होंने अपने बल्ले से यूएई को यादगार जीत दिलाकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

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