Saturday, February 14

यूपी बोर्ड 2026: कॉपी में रुपये मिले तो छात्र के साथ कक्ष निरीक्षक भी जिम्मेदार, राजकोष में जमा करना अनिवार्य

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएँ 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी। ग्रेटर नोएडा जिले में करीब 42,000 छात्र इस परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को नकलमुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कक्ष निरीक्षकों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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कक्ष निरीक्षक भी होंगे जिम्मेदार

परीक्षा के दौरान अगर किसी छात्र की उत्तर पुस्तिका में रुपये पाए गए, तो केवल छात्र ही नहीं, बल्कि उस कक्षा में तैनात कक्ष निरीक्षक भी जवाबदेह ठहराया जाएगा। बोर्ड ने स्पष्ट कहा है कि ऐसे सभी रुपये राजकोष में जमा कराए जाएंगे, और इसकी सूचना डीआईओएस व संबंधित विभागीय अधिकारियों को दी जाएगी।

परीक्षा में विशेष सतर्कता

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक को छात्रों को परीक्षा के दौरान कॉपी में रुपये न रखने के लिए सख्त हिदायत दी गई है। यह कदम परीक्षा के निष्पक्ष मूल्यांकन और नकल रोकने के प्रयासों का हिस्सा है।

पिछले मामले और सख्ती

अधिकारी बताते हैं कि इससे पहले भी छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं में रुपये मिलने की घटनाएँ सामने आई हैं। बोर्ड ने कहा है कि इस बार सभी कक्ष निरीक्षकों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी। यदि परीक्षा के दौरान कोई लापरवाही सामने आती है, तो कक्ष निरीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि कॉपी में रुपये पाए जाने पर इसे नकल की श्रेणी में माना जाएगा। ऐसे मामलों में न केवल छात्र, बल्कि कक्ष निरीक्षक पर भी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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