Tuesday, June 16

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बागेश्वर बाबा ने होटल संचालकों पर उठाई नाराजगी, कहा- “धाम से लाभ हो तो समाज को भी देना चाहिए योगदान”

छतरपुर: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा ने स्थानीय होटल संचालकों पर तीखा बयान देते हुए कहा कि धाम की लोकप्रियता और उनकी तस्वीरों के जरिए होटलों का व्यवसाय खूब फल-फूल रहा है, लेकिन जब धाम से जुड़े लोग इन होटलों में ठहरते हैं, तो उनसे पूरी तरह व्यावसायिक दर वसूली जाती है।

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बागेश्वर बाबा ने स्पष्ट किया कि वे मुफ्त सेवाओं की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन जब किसी व्यवसाय को धार्मिक स्थल की वजह से लाभ होता है, तो समाज के प्रति कुछ लौटाना चाहिए। उन्होंने अपील की कि हर होटल कम से कम एक लड़की की शादी का खर्च उठाए या शादी के इंतजाम में मदद करे। बाबा ने जोर देकर कहा कि यह आग्रह विवाद के लिए नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए है।

इस मौके पर छतरपुर में सातवें सामूहिक विवाह महोत्सव का आयोजन भी बड़े पैमाने पर हुआ, जिसमें लगभग 300 दुल्हनों की हल्दी की रस्म संपन्न हुई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस पहल को 300 से बढ़ाकर 3000 दुल्हनों तक ले जाने और प्रत्येक दुल्हन को राज्य की ओर से 51,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

छतरपुर होटल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवत शरण अग्रवाल ने माना कि धाम की वजह से जिले में पर्यटन और व्यापार को लाभ हुआ है। जिले में लगभग 85 होटल हैं, और जब शास्त्री या अन्य प्रमुख लोग धाम में रहते हैं, तो होटलों की बुकिंग 80-90% तक रहती है। अग्रवाल ने बताया कि कई होटल सामूहिक विवाह और धार्मिक आयोजनों के दौरान एक-दो कमरे मुफ्त भी देते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाबा जिन होटलों की बात कर रहे हैं, वे खजुराहो में स्थित हैं, न कि छतरपुर में।

बागेश्वर बाबा का यह संदेश समाज में सेवा और जिम्मेदारी की भावना को जगाने वाला माना जा रहा है।

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