
मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में भू-माफियाओं के बढ़ते हौसलों ने राष्ट्रीय संपत्ति को सीधे नुकसान पहुँचाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 707A का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे मसूरी से कैंपटी, उत्तरकाशी और चारधाम जाने वाला प्रमुख मार्ग 20-25 दिनों के लिए बंद हो गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वाल्मीकि मंदिर के पास बड़े पैमाने पर अवैध खनन के कारण सड़क की नींव खोखली हो गई थी। अधिकारियों के अनुसार, जेसीबी मशीनों से पहाड़ काटकर सड़क के नीचे खुदाई की गई, जिससे उसकी आधारशिला कमजोर हो गई और गुरुवार शाम सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया।
यह मार्ग चारधाम यात्रा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी और कैंपटी फॉल तक पहुँचने के लिए भी यही प्रमुख रास्ता है। मार्ग बंद होने से पर्यटक, श्रद्धालु और स्थानीय निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल छोटे वाहनों के लिए मोतीलाल नेहरू मार्ग और बड़े वाहनों के लिए हाथीपांव रोड को वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सड़क की पुनःनिर्माण प्रक्रिया में लगभग 20-25 दिन लग सकते हैं।
खनन विभाग ने स्पष्ट किया कि संबंधित क्षेत्र में कोई खनन अनुमति जारी नहीं की गई थी। बावजूद इसके बड़े पैमाने पर खुदाई की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र में खुदाई हुई, वहाँ आवासीय नक्शा पास था, लेकिन जिस स्तर पर पहाड़ काटा गया, उससे बड़े व्यावसायिक निर्माण की आशंका जताई जा रही है।
मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा, “राष्ट्रीय राजमार्ग को निजी स्वार्थ के लिए क्षतिग्रस्त करना बेहद गंभीर मामला है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।” नायब तहसीलदार उपेंद्र सिंह राणा और एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने भी कहा कि नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना पहाड़ों में सक्रिय भू-माफियाओं और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। चारधाम यात्रा के दौरान मार्ग बंद होने से पर्यटन और स्थानीय व्यापार पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
