
ढाका, 13 फरवरी 2026: बांग्लादेश में गुरुवार को संपन्न हुए संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। मतगणना के अनुसार, BNP ने 151 सीटें जीत ली हैं और 120 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है, जबकि जमात-ए-इस्लामी को केवल 43 सीटों पर ही सफलता मिली। इस चुनाव में अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था।
इस परिणाम के बाद, पिछले 17 सालों से निर्वासित रहने वाले तारिक रहमान, जो खालिदा जिया के पुत्र हैं, अगले प्रधानमंत्री बनने की राह पर हैं। उन्होंने कानून का शासन बहाल करने और गारमेंट्स सेक्टर में नई जान फूंकने का वादा किया है।
बांग्लादेश चुनाव-2026 की 10 बड़ी बातें
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BNP ने अभी तक 151 सीटों पर जीत हासिल कर ली है, जबकि जमात-ए-इस्लामी सिर्फ 43 सीटों पर सीमित रही।
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बांग्लादेश की संसद में 350 सीटें हैं, जिनमें 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इस बार 299 सीटों पर मतदान हुआ, शेष एक सीट पर बाद में मतदान होगा।
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स्वतंत्रता के बाद यह पहला चुनाव था जिसमें दोनों पूर्व प्रधानमंत्री—शेख हसीना और खालिदा जिया—मौजूद नहीं थे।
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अवामी लीग को चुनाव से रोकने के बावजूद उनका असर वोटिंग पर देखा गया; कुल मतदान प्रतिशत 48% रहा।
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BNP का मुख्य मुकाबला जमात-ए-इस्लामी और NCP नेतृत्व वाले 11-पार्टी गठबंधन से था, जो इस बार प्रभावशाली नहीं रहा।
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BNP के उम्मीदवार गायेश्वर चंद्र रॉय पहली बार ढाका से हिंदू सांसद बन सकते हैं।
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चुनाव के साथ ही जुलाई चार्टर रेफरेंडम में भी वोट डाले गए, जिसमें संसदीय सुधार और प्रधानमंत्री पद की शर्तें शामिल हैं।
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BNP और उसके गठबंधन ने 211 सीटें जीतकर संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया।
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BNP चेयरमैन तारिक रहमान ने पार्टी कार्यकर्ताओं को जीत की रैलियों से दूर रहने और देशभर में विशेष नमाज करने की अपील की है।
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जमात-ए-इस्लामी के अमीर डॉ. शफीकुर रहमान ने कहा कि अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहा तो पार्टी चुनाव परिणाम मान लेगी।
इस ऐतिहासिक चुनाव परिणाम के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ गई है, और देश अब एक नई राजनीतिक दिशा की ओर बढ़ने जा रहा है।
