
पटना/नई दिल्ली: IAS बनने का सपना लाखों युवाओं का होता है, लेकिन इसके लिए आमतौर पर यह माना जाता है कि दिन-रात 10-12 घंटे तैयारी करनी होगी। बिहार की बेटी श्वेता भारती ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने दिन में 9 घंटे की प्राइवेट जॉब के साथ यूपीएससी की तैयारी की और पहले अटेंप्ट में IAS बन गईं।
इंजीनियरिंग के बाद यूपीएससी का सफर:
नालंदा जिले की रहने वाली श्वेता भारती ने पटना के ईशान इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की और भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल एंड टेलीकम्युनिकेशन में बैचलर डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग के बाद उन्हें परिवार की जिम्मेदारियों और सिविल सेवा का सपना दोनों संभालने की चुनौती मिली।
परिवार और करियर दोनों संभाला:
श्वेता ने विप्रो में नौकरी लेने का फैसला किया ताकि परिवार की जिम्मेदारी निभा सकें, लेकिन अपने सिविल सेवा के सपने को नहीं छोड़ा। उन्होंने दिन में 9 घंटे काम किया और रात में घर आकर यूपीएससी की तैयारी की।
पहले अटेंप्ट में सफलता:
कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बाद श्वेता भारती ने UPSC CSE 2021 में 356वीं रैंक हासिल की। नालंदा जिले के छोटे से गांव की यह बेटी अब IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में भागलपुर में असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर तैनात हैं।
सक्सेस का गोल्डन रूल:
श्वेता के मुताबिक, उनकी सफलता का सबसे बड़ा रहस्य था सोशल मीडिया और ऑनलाइन ग्रुप्स से दूरी। उन्होंने स्मार्टफोन का उपयोग भी सीमित कर दिया और जो समय बचा उसे पूरी तरह पढ़ाई में लगाया। उनका दृढ़ निश्चय, हार न मानने की जिद और लगातार संघर्ष युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
श्वेता भारती की जर्नी साबित करती है:
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कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य पर ध्यान देना
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समय का प्रबंधन करना
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डिजिटल दुनिया से कुछ समय दूर रहकर फोकस बनाए रखना
यह कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है जो प्राइवेट जॉब के चलते सिविल सेवा का सपना छोड़ देते हैं।
