
नई दिल्ली: पाकिस्तान के युवा स्पिनर उस्मान तारिक इस समय क्रिकेट दुनिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं। 10 फरवरी को पाकिस्तान और अमेरिका के बीच खेले गए टी20 वर्ल्ड कप मैच में तारिक ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल 27 रन देकर 3 विकेट लिए और अमेरिकी बल्लेबाजों को परेशान कर दिया।
लेकिन उनके बॉलिंग एक्शन ने सबका ध्यान खींचा। मैच के दौरान उनका रुक-रुक कर गेंदबाजी करना और गेंद को रिलीज करने का तरीका कई सवालों को जन्म दे रहा है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि उनका एक्शन लीगल (वैध) है, जबकि कुछ का कहना है कि इसमें इलेगल थ्रो (अवैध फेंक) का तत्त्व है।
ICC के अनुसार लीगल बॉलिंग एक्शन क्या है?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नियमों के मुताबिक, अवैध बॉलिंग एक्शन वह होता है जिसमें गेंदबाज बॉल को फेंकता (थ्रो) है, बजाय इसे सामान्य तरीके से डालने के। ICC का नियम स्पष्ट करता है:
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बॉल डालते समय गेंदबाज की कोहनी (एल्बो) 15 डिग्री से ज्यादा न झुके।
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यदि एल्बो 15 डिग्री से ज्यादा झुके या झटका लगे, तो एक्शन अवैध माना जाएगा।
मैच के दौरान मैच ऑफिशियल्स रियल टाइम में अपनी आंखों से यह निर्णय लेते हैं कि खिलाड़ी वैध गेंदबाजी कर रहा है या नहीं। यदि उन्हें लगता है कि एक्शन अवैध है, तो खिलाड़ी की रिपोर्ट दर्ज की जाती है और बाद में ICC टेस्टिंग सेंटर में उसका बॉलिंग एक्शन टेस्ट किया जाता है।
यदि टेस्ट में एक्शन अवैध पाया जाता है, तो खिलाड़ी तब तक गेंदबाजी नहीं कर सकता जब तक कि अपना एक्शन सुधार न ले।
पूर्व भारतीय अंपायर अनिल चौधरी का मानना है कि उस्मान तारिक का बॉलिंग एक्शन पूरी तरह वैध (लीगल) है।
