
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने लड़कियों की शादी के लिए दिए जाने वाले अनुदान में वृद्धि की घोषणा कर दी है। यह कदम चुनाव से पहले सामाजिक और आर्थिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए बड़ा दांव माना जा रहा है।
अनुदान राशि बढ़ी 1 लाख रुपये तक
उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए अनुदान राशि प्रदान की जाती है। पहले इस योजना के तहत 51,000 रुपये का अनुदान दिया जाता था। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। योजना के क्रियान्वयन के लिए 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
गरीब परिवारों पर विशेष ध्यान
योगी सरकार ने इस योजना के माध्यम से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता दी है। विवाह के खर्चों से जुड़े आर्थिक बोझ को कम करने के लिए यह राशि उनके लिए बड़ी राहत साबित होगी।
महिला और लड़कियों पर केंद्रित बजट
यूपी बजट 2026 में महिलाओं और लड़कियों के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये रहने का अनुमान है और प्रदेश में करीब 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सरकार सफल रही है। बेरोजगारी दर भी 2.24 प्रतिशत रह गई है।
चुनाव से पहले बड़ा कदम
विशेषज्ञ इसे 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं। गरीब परिवारों की बेटियों को आर्थिक मदद देने से सरकार का जनसंपर्क और लोकप्रियता दोनों बढ़ सकती है।
