Wednesday, February 11

घर बैठे बनवाएं फैमिली आईडी, नहीं तो अटक सकती हैं सरकारी योजनाएं

गाजियाबाद प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द फैमिली आईडी बनवाएं। भविष्य में कई सरकारी योजनाओं और सेवाओं के लिए यह आईडी अनिवार्य हो सकती है। घर बैठे बनवाएं फैमिली आईडी प्रशासन ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि वे “एक परिवार, एक पहचान” स्कीम के तहत फैमिली आईडी बनवाएं। यह पहल प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। नागरिक स्वयं familyid.up.gov.in पोर्टल पर जाकर या नजदीकी जन सुविधा केंद्र के माध्यम से यह आईडी बनवा सकते हैं। क्यों जरूरी है फैमिली आईडी? फैमिली आईडी का उद्देश्य परिवार की एकीकृत डिजिटल पहचान तैयार करना है। इसके माध्यम से सरकार यह जान सकेगी कि किस परिवार को कौन-कौन सी योजनाओं का लाभ मिला है और कौन पात्र होते हुए भी वंचित है। इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचेगा। साथ ही बार-बार अलग-अलग प्रमाणपत्र बनाने और कागजी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्यों हो रही है अनिवार्य? सरकार का लक्ष्य है कि सभी परिवारों का एक केंद्रीकृत डाटा तैयार हो। भविष्य में राशन, छात्रवृत्ति, पेंशन, आवास योजना, स्वरोजगार योजना, स्किल ट्रेनिंग और नौकरी से जुड़े कार्यक्रमों में फैमिली आईडी जरूरी हो सकती है। जिन परिवारों की आईडी नहीं बनी होगी, उन्हें योजनाओं का लाभ मिलने में देरी या रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। देरी करने पर क्या हो सकता है नुकसान? अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले समय में सरकारी योजनाओं का डाटा फैमिली आईडी से लिंक किया जाएगा। ऐसे में जिन परिवारों की आईडी नहीं बनेगी, उन्हें दोबारा दस्तावेज सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। इसके अलावा नौकरी और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम में प्राथमिकता भी फैमिली आईडी धारकों को दी जा सकती है। बनवाते समय ध्यान रखें ये बातें परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है। पंजीकरण प्रक्रिया ओटीपी वेरिफिकेशन के माध्यम से पूरी होगी। किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर 1076 पर संपर्क किया जा सकता है। समय रहते फैमिली आईडी बनवाएं, नहीं तो भविष्य में सरकारी योजनाओं से वंचित रह सकते हैं।

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