
नई दिल्ली। कर्ज संकट से जूझ रहे उद्योगपति और रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी को नया समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। यह मामला विदेश में एक लग्जरी प्रॉपर्टी की खरीद और बिक्री से जुड़े संदिग्ध लेनदेन से संबंधित बताया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने टीना अंबानी को पहले सोमवार को पेश होने के लिए कहा था, लेकिन वह एजेंसी के सामने उपस्थित नहीं हुईं। इसके बाद ईडी ने उन्हें 17 फरवरी को पूछताछ के लिए दोबारा बुलाया है। वहीं अनिल अंबानी को 18 फरवरी को ईडी कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
PMLA के तहत दर्ज होंगे बयान
ईडी अधिकारियों ने बताया कि दोनों से मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत पूछताछ की जाएगी और उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। फिलहाल इस समन पर रिलायंस ग्रुप की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
न्यूयॉर्क की प्रॉपर्टी से जुड़ा है मामला
जानकारी के मुताबिक, यह मामला अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित मैनहट्टन में मौजूद एक आलीशान संपत्ति से जुड़ा हुआ है। ईडी को संदेह है कि इस प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं और इसी लेनदेन को लेकर टीना अंबानी से पूछताछ की जा सकती है।
ईडी ने इस केस में हाल ही में रिलायंस कम्युनिकेशन (RCom) के पूर्व चेयरमैन पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का दावा है कि वर्ष 2023 में आरकॉम की कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) के दौरान यह संपत्ति कथित तौर पर धोखाधड़ी से बेची गई।
83 लाख डॉलर की रकम दुबई भेजने का आरोप
ईडी का आरोप है कि इस संपत्ति की बिक्री से प्राप्त 83 लाख अमेरिकी डॉलर (2023 में लगभग 69.55 करोड़ रुपये) की रकम अमेरिका से दुबई स्थित एक संस्था को भेजी गई। एजेंसी का दावा है कि यह रकम फर्जी निवेश के नाम पर भेजी गई थी।
ईडी के अनुसार, जिस संस्था को पैसा भेजा गया वह पाकिस्तान से जुड़े एक व्यक्ति के स्वामित्व वाली बताई जा रही है। एजेंसी ने यह भी कहा कि यह पूरा लेनदेन समाधान पेशेवर (Resolution Professional) की जानकारी या अनुमति के बिना किया गया।
2025 में शेयर बाजार को दी गई थी जानकारी
बताया जा रहा है कि आरकॉम ने इस प्रॉपर्टी की बिक्री से जुड़ी जानकारी वर्ष 2025 में शेयर बाजार को दी थी। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया तथा जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर SIT गठित
इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए, ईडी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है।
ईडी अधिकारियों के अनुसार, इस जांच के तहत अब तक करीब 12,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। वहीं रिलायंस ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए हैं।
कानूनी शिकंजा कसता जा रहा
ईडी की इस कार्रवाई के बाद अनिल अंबानी समूह पर कानूनी दबाव और बढ़ गया है। आने वाले दिनों में पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
