ईरापल्ली प्रसन्ना आज अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं. (फोटो साभार-@ICC)

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ईरापल्ली प्रसन्ना आज अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं. (फोटो साभार-@ICC)

Happy Birthday Erapalli Prasanna: भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर ईरापल्ली प्रसन्ना आज 81 साल के हो गए हैं. ऑफ स्पिनर प्रसन्ना ने 49 टेस्ट मैचों में 189 विकेट चटकाया है.

नई दिल्ली. टीम इंडिया के बेहतरीन स्पिनरों में से एक ईरापल्ली प्रसन्ना (Erapalli Prasanna) आज अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं. भारतीय क्रिकेट की ऐतिहासिक स्पिन चौकड़ी के एक सदस्य प्रसन्ना ने 16 साल के इंटरनेशनल करियर में भारत के लिए 49 टेस्ट मैच खेले हैं. 1970 के दशक में ईरापल्ली प्रसन्ना, बिशन सिंह बेदी, एस वेंकटराघवन और भागवत चंद्रशेखर की चौकड़ी ने भारत को कई सफलता दिलाई थी. इसमें प्रसन्ना का रिकॉर्ड विदेशी पिचों पर बहुत शानदार था. विदेशी धरती पर किसी भी भारतीय गेंदबाज का एक पारी में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन का रिकॉर्ड आज भी प्रसन्ना के ही नाम पर है. ईरापल्ली प्रसन्ना ने सिर्फ 22 साल की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में डेब्यू किया था. इसके बाद वह पांच साल के लिए अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए क्रिकेट से दूर हो गए. प्रसन्ना ने एक इंटरव्यू में कहा था, “एक क्रिकेटर के लिए प्राइम पीरियड तब होता है जब वह लगभग 27 या 28 साल का होता है. जब मेरे पिताजी का निधन हुआ, तब मैं 22 वर्ष का था. अगर मैं उन पांच वर्षों में भारत के लिए खेलता, तो मुझे नहीं पता कि मैं कितने विकेट हासिल कर पाता.’ प्रसन्ना ने टीम इंडिया में एंट्री करने के सिर्फ 2 टेस्ट के बाद ही इंजीनियर बनने के लिए 5 साल के लिए क्रिकेट छोड़ दिया था. इस गेंदबाज के बारे में ऑस्ट्रेलियाई के पूर्व कप्तान इयान चैपल का कहना है कि उन्होंने अपने करियर में जितने भी स्पिनरों का सामना किया उसमें प्रसन्ना सबसे बेहतर थे. विदेशी धरती पर शानदार रिकॉर्ड प्रसन्ना ने पहले दो टेस्ट मैच में सिर्फ चार विकेट चटकाया था लेकिन जब उन्होंने पांच साल बाद 1967 में वापसी की तो धमाल मचा दिया. प्रसन्ना ने महज 20 टेस्ट मैचों में अपने 100 विकेट पूरे कर लिये और वो टेस्ट में विकेटों का सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बन गए. हालांकि उनका ये रिकॉर्ड बाद में रविचंद्रन अश्विन ने तोड़ दिया. ऑस्ट्रेलियाई धरती पर प्रसन्ना ने 8 टेस्ट में 31 विकेट लिए जबकि न्यूजीलैंड की पिचों पर उनके नाम 7 टेस्ट मैच 35 विकेट दर्ज है. 24 जनवरी 1976 को शुरू हुए ऑकलैंड टेस्ट में भारत ने न्यूजीलैंड को 8 विकेट से मात दी और इस जीत के हीरो प्रसन्ना ही थे. प्रसन्ना ने अपनी दमदार फिरकी से न्यूजीलैंड के 11 बल्लेबाजों को पैवेलियन की राह दिखा दी थी. उन्होंने न्यूजीलैंड की दूसरी पारी में 76 रन देकर आठ विकेट झटके थे.घरेलू क्रिकेट में भी दमदार रिकॉर्ड प्रसन्ना ने भारत के लिए 49 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 189 विकेट लिए. उन्होंने अपने करियर में पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा 10 बार किया जबकि मैच में दो बार दस या उससे ज्यादा विकेट झटके. प्रसन्ना के फर्स्ट क्लास करियर के आंकड़े तो बेमिसाल हैं. उन्होंने 235 मैचों में 957 विकेट झटके. प्रसन्ना ने दो बार कर्नाटक को रणजी ट्रॉफी का खिताब भी दिलवाया है. जब विराट को सुनाई खरी-खरी
प्रसन्ना अपने बेबाक टिप्पणियों के लिए मशहूर हैं. साल 2017 में जब विराट कोहली से मतभेद के चलते अनिल कुंबले ने कोच पद से इस्तीफा से दे दिया था तब प्रसन्ना ने भारतीय कप्तान को खरी-खरी सुनाई थी. प्रसन्ना ने कहा था, “उन्हें कोच की जरूरत क्यों है जब कप्तान ही बॉस है? मुझे तो यहां तक लगता है कि उन्हें बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण कोच (संजय बांगड़ और आर श्रीधर) की भी जरूरत नहीं है.” प्रसन्ना ने कोहली की कप्तानी क्षमताओं पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “निसंदेह कोहली बहुत अच्छा खिलाड़ी है लेकिन मैं नहीं कह सकता कि वह अच्छा कप्तान है या नहीं.”







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