
पटना: बिहार विधान परिषद में लगातार दूसरे दिन जबरदस्त हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष ने राजद सदस्य पर ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी को गाली देने का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर की गई टिप्पणी और दलित मंत्री के अपमान को लेकर उठे शोर-शराबे के बीच सभापति अवधेश नारायण सिंह ने विपक्षी सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन से बाहर निकाल दिया।
मंत्री और विधायक के बीच तीखी भिड़ंत
सदन शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने राबड़ी देवी पर की गई टिप्पणी के विरोध में मुख्यमंत्री से माफी की मांग शुरू कर दी। इसी बीच स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब मंत्री अशोक चौधरी और राजद के सुनील सिंह आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच बहस व्यक्तिगत हमलों तक पहुँच गई। सत्ता पक्ष का आरोप है कि इस दौरान विपक्षी सदस्य ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। सदन में बढ़ती गरमा-गरमी के कारण सभापति ने मार्शल के माध्यम से विपक्षी सदस्यों को बाहर निकालकर कार्यवाही को स्थिर किया।
दलित मंत्री को गाली देने का आरोप
बिहार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद सदस्य ने दलित समाज से आने वाले मंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया, जो सार्वजनिक रूप से भी नहीं दोहराए जा सकते। मंत्री जायसवाल ने इसे लोकतंत्र के मंदिर का अपमान करार देते हुए वीडियो फुटेज की जांच कर आरोपी सदस्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग की।
सभापति का सख्त रुख
सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि सदन की मर्यादा से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने हंगामे की पूरी जांच कराने और सुप्रीम कोर्ट के प्रासंगिक निर्णयों के अनुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। फिलहाल, विपक्षी सदस्यों को पूरे दिन के लिए सदन से निष्कासित किया गया, जिससे विपक्ष और सरकार के बीच तल्खी बढ़ गई है।
