
पटना: बिहार में एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग को लेकर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाया है। एक भूमि विवाद से जुड़े मामले में पीड़ित युवक की फरियाद सुनते ही डिप्टी सीएम मौके पर ही डीएम और एसपी को तत्काल जांच के आदेश दे दिए।
इस दौरान डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने साफ कहा कि “कौन है जी, जो गलत लोगों के साथ खड़े होते हैं। जो बार-बार एससी/एसटी एक्ट का गलत इस्तेमाल करता है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह कानून सुरक्षा के लिए दिया गया था, उसके दुरुपयोग के लिए नहीं।”
युवक की दिल दहला देने वाली फरियाद
रोते हुए युवक ने बताया,
“मां का अभी ऑपरेशन हुआ है – ओपन हार्ट सर्जरी। पिता इसी हालत में हार्ट अटैक से चल बसे। हम अकेले बेटे हैं। सरकारी अमीन को गाली दी गई, फीता छीन लिया गया। रिपोर्ट में भी सब दर्ज है। दो बार हमारे ऊपर एससी/एसटी एक्ट लगाया गया। हमारी पत्नी और माता जब जाती हैं तो उन्हें मारा जाता है। यह सब पुलिस और प्रशासन को मालूम है।”
युवक की ये फरियाद सुनकर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा अत्यंत भावुक और नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को झूठे आरोपों और कानून के दुरुपयोग के मामलों में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि निर्दोष लोग प्रताड़ित न हों।
विशेषज्ञों की राय
बिहार के प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ. संजय कुमार ने कहा कि
“किसी को भी अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल करने का अधिकार संविधान नहीं देता। सरकार को ऐसे मामलों में तुरंत संज्ञान लेकर त्वरित निपटारा करना चाहिए, ताकि समाज में समरसता बनी रहे और कोई निर्दोष झूठे आरोप में जेल में न सड़े।”
ऐसा मामला पहले भी सामने आया है
यूपी के ललितपुर में विष्णु तिवारी केस इसी तरह का ज्वलंत उदाहरण है। उन्हें एससी/एसटी एक्ट के झूठे आरोप में 20 साल जेल में रहना पड़ा। इस दौरान उनका पूरा परिवार बिखर गया और माता-पिता की भी मृत्यु हो गई। जब वे निर्दोष पाए गए, तब तक उनकी जिंदगी के 20 साल जेल में गुजर चुके थे।
