
मॉस्को: रूस ने अपनी वायुसेना को Su-57 फाइटर जेट का नया और घातक बैच सौंप दिया है। सरकारी कंपनी यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन ने बताया कि एयरक्राफ्ट के डिजाइन में कई सुधार किए गए हैं, जिससे इसकी हवा से हवा और जमीन पर हमला करने की क्षमता और बढ़ गई है। यह अपडेटेड जेट फिफ्थ-जनरेशन स्टील्थ टेक्नोलॉजी से लैस है और इसमें एडवांस्ड एवियोनिक्स सिस्टम, बेहतर मिशन रेंज और उच्च ऑपरेशनल क्षमता शामिल की गई है।
Su-57 के नए अवतार की खासियत
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नई बैच में आधुनिक हथियार और मिसाइल सिस्टम इंटीग्रेट किए गए हैं।
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एयरक्राफ्ट की कॉम्बैट क्वालिटी और मैनूवरिंग क्षमता पहले से बेहतर है।
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रूस ने यह अपग्रेडेशन उस समय किया है, जब अमेरिका और पश्चिमी देशों ने उस पर सख्त प्रतिबंध लगाए हुए हैं।
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रूसी अधिकारियों का कहना है कि Su-57 के डिज़ाइन और लड़ाकू क्षमता को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है।
यूक्रेन युद्ध में Su-57 की भूमिका
रूसी अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेन युद्ध के अनुभव ने Su-57 को और आधुनिक बनाने में मदद की है। फ्लाइट सर्विस हेड सर्गेई बोगदान ने कहा, “जब तक एयरक्राफ्ट डीकमीशन नहीं किया जाता, इसे लगातार बेहतर बनाया जाएगा।” इस बैच से रूसी वायुसेना की हवा में लड़ाई और दुश्मन टारगेट पर हमला करने की ताकत और मजबूत होगी।
भारत के लिए भी सौदा तय
रूस भारत के साथ Su-57 के लाइसेंस प्रोडक्शन पर बातचीत कर रहा है। जनवरी में दोनों देशों की बातचीत एडवांस स्तर पर पहुंच चुकी थी। भारतीय वायुसेना पहले से ही Su-30MKI फाइटर जेट संचालित कर रही है, जिसकी संख्या 270 से अधिक है। प्रारंभिक योजना के अनुसार, भारत के लिए 140 Su-57 जेट बनाए जा सकते हैं।
रूस की रणनीति
रूस लगातार Su-57 को नाटो देशों की वायुसेना को चुनौती देने और अपनी रणनीतिक ताकत बढ़ाने के लिए अपडेट कर रहा है। दुश्मन के एयरस्पेस और जमीनी टारगेट पर प्रभावी हमला करने की यह जेट रूस को सैन्य श्रेष्ठता हासिल करने में मदद करेगी।
