
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर थाना में तैनात दरोगा अखिलेश यादव पर एक शख्स अरुण कुमार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि परिवारिक विवाद सुलझाने के लिए घर गए दरोगा ने महिला से आपत्तिजनक संबंध बना लिए और अब फर्जी लूट व डकैती के मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
अरुण कुमार ने एसपी बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि करीब एक साल पहले पत्नी से विवाद के लिए उसने थाने में शिकायत दी थी। जांच के लिए थाने के एसआई अखिलेश यादव उनके घर पहुंचे और पत्नी को नौकरी दिलाने और गाड़ी चलवाने का झांसा देकर भरोसे में लिया। धीरे-धीरे पत्नी और दरोगा के बीच फोन पर बातचीत और प्रेम प्रसंग शुरू हो गया।
पीड़ित पति के अनुसार, लगभग पांच महीने पहले दरोगा ने पत्नी को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर ननद के विरोध के बावजूद आधे घंटे तक ले गया। इसके अलावा, एक महीने पहले घर में पत्नी के अकेले रहने के दौरान भी दरोगा घर पहुंच गया और ननद को बहाने के लिए बाहर भेजा। लौटने पर उसे दरोगा और पत्नी को आपत्तिजनक स्थिति में पाया।
जब परिवार ने दरोगा के घर आने-जाने पर रोक लगाई, तो उसने 28 जनवरी 2026 को दो बार घर पहुंचकर पूरे परिवार को लूट व डकैती के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इस धमकी से पूरा परिवार दहशत में है।
दरोगा अखिलेश यादव ने आरोपों को फर्जी और बेसिर-पैर बताया है। उन्होंने कहा कि महिला ने 27 जनवरी को थाने में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था और इसी जांच के लिए उसके पति को बुलाया गया था।
एसपी बाराबंकी ने पूरे मामले में जांच के आदेश दिए हैं। रामनगर सीओ गरिमा पंत ने बताया कि सभी पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और सत्यता के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। मामले से जुड़े कई ऑडियो कॉल डिटेल्स सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुके हैं।