Friday, June 26

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30 लाख की फिल्म ने पहले शो में कमाए सिर्फ 56 रुपये, फिर ‘शोले’ को टक्कर देकर बना ब्लॉकबस्टर

मुंबई: करीब 51 साल पहले एक कम बजट फिल्म ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ी। यह फिल्म थी ‘जय संतोषी मां’, जिसे 1975 में केवल 30 लाख रुपये के बजट में बनाया गया था। शुरुआत बेहद धीमी रही—पहले शो से केवल 56 रुपये, दूसरे शो से 64 रुपये और तीसरे शो से 100 रुपये की कमाई हुई। फिल्म को तुरंत फ्लॉप घोषित कर दिया गया।

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चमत्कार की शुरुआत:
लेकिन जैसे ही दर्शकों के बीच फिल्म का जिक्र फैलना शुरू हुआ, सिनेमाघरों में भीड़ उमड़ने लगी। विजय शर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अनीता गुहा ने संतोषी माता का किरदार निभाया। फिल्म ने 50 हफ्ते तक सिनेमाघरों में लगातार चलकर इतिहास रचा। इस दौरान शुक्रवार को फिल्म देखने वाले दर्शकों में गुड़ और चना बांटे जाते थे, जो दर्शकों की उत्सुकता का प्रतीक था।

बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड:
साल 1975 की शर्तों के हिसाब से यह फिल्म जबरदस्त हिट रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने लगभग 5 करोड़ रुपये कमाए। दर्शकों का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि फिल्म ने कुल 45 मिलियन फुटफॉल रिकॉर्ड किया और यह भारतीय सिनेमा की सबसे अधिक देखी गई फिल्मों में शामिल हुई।

प्रोड्यूसर हुए दिवालिया:
सफलता के बावजूद, फिल्म के निर्माता सतराम रोहरा को फिल्म से कोई लाभ नहीं मिला। वितरण का जिम्मा संभालने वाले केदारनाथ अग्रवाल और संदीप सेठी ने कथित रूप से फिल्म की कमाई हड़प ली। परिणामस्वरूप, निर्माता को दिवालिया घोषित होना पड़ा।

महिलाओं की भूमिका और शोले से मुकाबला:
कहा जाता है कि इस फिल्म की सफलता में देश की महिलाओं ने अहम योगदान दिया। महिलाएं सिनेमाघरों में उमड़ पड़ीं और रातोंरात फिल्म ब्लॉकबस्टर बन गई। इस तरह ‘जय संतोषी मां’ ने उसी साल अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की सुपरहिट फिल्म ‘शोले’ को कड़ी टक्कर दी।

अहम किरदार और कहानी:
फिल्म में अमर ऋषि नारद ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे विष्णु के भक्त हैं और फिल्म में मानव और देवताओं से जुड़ी दो कहानियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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