Monday, February 9

‘फुल टाइम चोर, पार्ट टाइम दुकानदार’ – इडली-डोसा बेचने वाले तीन शातिर चोरों का पर्दाफाश, 18 वारदातों के मास्टरमाइंड गिरफ्तार

रायपुर के मठपुरैना इलाके में इडली-डोसा बेचने वाले तीन दोस्त असल में शातिर चोर निकले। दुर्ग जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार चोरी की घटनाओं के पीछे यही गैंग था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर डाटा की मदद से इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से चोरी की ज्वेलरी खरीदने वाले सोनार भी पकड़े गए हैं।

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चोरी की वारदातों का तरीका

तीनों आरोपी दिनभर रेकी करके रात में घरों के ताले तोड़कर चोरी करते थे। मुख्य आरोपी मनीष अमोरिया के खिलाफ राजनांदगांव में पहले से 10 अपराध दर्ज हैं। दुर्ग में उनके खिलाफ 8 चोरी की घटनाओं का मामला दर्ज है।

चोरी के बाद इडली-डोसा की ठेल

अद्भुत बात यह है कि चोरी करने के बाद आरोपी रायपुर लौटकर मठपुरैना में इडली-डोसा बेचने लगते थे। इससे स्थानीय लोगों और पुलिस दोनों को उनकी असली पहचान पता नहीं चल पाती थी।

ज्वेलरी बेचकर बंटवारा

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी की गई ज्वेलरी राजनांदगांव के तीन अलग-अलग खरीदारों को बेच दी जाती थी। इस पैसे को वे आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने ज्वेलरी खरीदने वाले तीनों लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया है।

ग्रामीण क्षेत्रों से मिली शिकायतें

दुर्ग के ग्रामीण थाना क्षेत्रों में लगातार चोरी की घटनाओं की शिकायतें मिल रही थीं। गहन जांच के बाद पुलिस ने पाया कि आरोपी बाहर से आकर वारदात को अंजाम देते हैं, और उसी सुराग के आधार पर उन्हें पकड़ने में सफलता मिली।

पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी जिले में चोरी की घटनाओं को रोकने और अपराधियों के खिलाफ चेतावनी का संदेश है।

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