
पटना: बिहार के पर्यटन प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। गंगा नदी में क्रूज की यात्रा फिर से शुरू होने जा रही है। अगले महीने यानी मार्च के पहले सप्ताह से पटना में चलने वाला रो-पैक्स वेसल क्रूज ‘एमवी स्वामी परमहंस’ अपनी सेवाएं फिर से देने लगेगा। इस क्रूज की क्षमता एक बार में 300 यात्रियों को सफर कराने की है।
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) ने क्रूज की तकनीकी मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगभग 50 लाख रुपये खर्च किए हैं। नियमों के अनुसार हर पांच साल में जलयान का ड्राई-डॉक अनिवार्य होता है। इस दौरान क्रूज के इंजन, नेविगेशन सिस्टम और बाहरी ढांचे की सघन जांच की गई। कोलकाता के ड्राई-डॉक सेंटर से मरम्मत के बाद क्रूज फरवरी के अंत तक पटना के दीघा घाट पहुंच जाएगा।
क्रूज का इतिहास और शुरुआत:
‘एमवी स्वामी परमहंस’ जलयान केंद्र सरकार की ओर से बिहार में रिवर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए उपहार स्वरूप दिया गया था। 22 अगस्त 2023 को पर्यटन विभाग और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के बीच हुए समझौते के बाद पटना में रिवर क्रूज पर्यटन की शुरुआत हुई थी।
रूट और समय:
यह 300 यात्रियों की क्षमता वाला विशाल क्रूज 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा की लहरों पर दौड़ता है। यह दीघा घाट से मीनार घाट और जेपी सेतु तक का भ्रमण कराएगा। एक चक्कर पूरा करने में लगभग 45 मिनट का समय लगेगा। यात्रा के दौरान पर्यटक पटना के ऐतिहासिक और सुंदर घाटों का दीदार कर सकते हैं।
किराया:
पर्यटन निगम के अनुसार, सामान्य यात्रियों के लिए किराया 250 रुपये प्रति व्यक्ति रहेगा।
वहीं, अगर कोई निजी आयोजन जैसे बर्थडे पार्टी, रिंग सेरेमनी या अन्य प्रोग्राम क्रूज पर करना चाहे तो इसके लिए पैकेज इस प्रकार हैं:
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1 घंटे का पैकेज: 30,000 रुपये
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2 घंटे का पैकेज: 50,000 रुपये
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4 घंटे का पैकेज: 1,00,000 रुपये
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6 घंटे का पैकेज: 1,25,000 रुपये
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8 घंटे का पैकेज: 1,50,000 रुपये
पटना के पर्यटन को नई ऊँचाई देने वाले इस क्रूज से अब पर्यटक गंगा की सुंदरता और शहर की ऐतिहासिक विरासत का आनंद आराम से ले सकेंगे।