
नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क और उनकी कंपनी स्पेसएक्स ने अगले 10 साल में चांद पर इंसानों की बस्ती बनाने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। पहले मस्क का ध्यान मंगल ग्रह पर था, लेकिन अब उन्होंने अपना फोकस चांद पर शिफ्ट कर दिया है।
मंगल ग्रह की योजना टली
एलन मस्क ने बताया कि मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती बनाने का सपना फिलहाल टाला गया है। इसकी मुख्य वजह लॉजिस्टिक्स और ग्रहों की स्थिति पर निर्भरता है। मंगल पर जाने का अवसर हर 26 महीने में मिलता है, जबकि चांद पर हर 10 दिन में लॉन्च संभव है। मस्क ने कहा कि चांद पर यह काम 10 साल से भी कम समय में पूरा किया जा सकता है।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मंगल ग्रह अभी भी लंबी अवधि की योजना का हिस्सा है और 5-7 साल में इस पर काम शुरू किया जा सकता है।
चांद पर बस्ती की योजना
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स्पेसएक्स चांद पर ऐसी सिटी बनाने जा रही है, जो स्वयं बढ़ती रहे।
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यह योजना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चांद पर इंसानी मिशन की नीति से मेल खाती है।
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मस्क के अनुसार चांद तक आसान पहुंच का मतलब है कि स्पीड में मंगल ग्रह से कई गुना तेज काम किया जा सकता है।
नासा का रोल और मिशन
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नासा का आर्टेमिस 3 मिशन 2027 में अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर भेजने की योजना है।
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स्पेसएक्स इसके लिए मुख्य ठेकेदार के रूप में काम कर रही है।
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हालांकि लैंडर और तकनीकी तैयारियों में अभी देरी की संभावना है।
चांद पर पहुंचने का खर्च
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सरकारी अंतरिक्ष एजेंसियों को चांद की कक्षा तक पहुंचाने में 100 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च आ सकता है।
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प्राइवेट कंपनियों के लिए प्रति सीट खर्च 10 करोड़ डॉलर (100 मिलियन) से 75 करोड़ डॉलर (750 मिलियन) तक हो सकता है।
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ऐतिहासिक उदाहरण:
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1969 में अपोलो 11 मिशन का खर्च आज के लगभग 250 अरब डॉलर के बराबर था।
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नासा के आर्टेमिस मिशन का अनुमानित खर्च 95 अरब डॉलर है।
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निष्कर्ष:
एलन मस्क की यह योजना न सिर्फ अंतरिक्ष में नई राह खोलती है बल्कि यह दिखाती है कि चांद पर इंसानी बस्ती अब सिर्फ सपना नहीं बल्कि आने वाले दशक में हकीकत बन सकती है।
