
नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में हालिया समय में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। पिछले रिकॉर्ड ऊंचे स्तर से सोना लगभग 23% और चांदी 40% नीचे आ चुकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है या कीमतों में और गिरावट आने की संभावना है।
कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव
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एमसीएक्स गोल्ड: 29 जनवरी को ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर से अब ₹1,55,374 तक गिरा।
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एमसीएक्स सिल्वर: ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम से लगभग ₹2,50,300 तक नीचे।
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वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड $4,954.92/औंस और स्पॉट सिल्वर $77.33/औंस पर स्थिर।
पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को शॉर्ट कवरिंग के चलते दोनों धातुओं में 2-3% की तेजी देखी गई।
तेजी के कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया तेजी के पीछे कई कारक हैं:
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डॉलर सूचकांक में गिरावट – डॉलर में कमजोरी से डॉलर-डिनॉमिनेटेड धातुएं सस्ती हुईं।
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फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती की उम्मीदें – महंगाई दर घटने के संकेत ने सोने और चांदी की कीमतों को सहारा दिया।
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भू-राजनीतिक स्थिरता की आशा – अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से बाजार में सकारात्मक भावना।
एमसीएक्स गोल्ड के लिए ₹1,50,000–₹1,55,000 और सिल्वर के लिए ₹2,30,000–₹2,35,000 के स्तर पर मजबूत मांग नजर आ रही है।
विशेषज्ञों की सलाह
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पोनमुडी, एनरिच मनी के सीईओ: हाल की गिरावट ने लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर पैदा किया है। मध्यम से दीर्घकालिक तेजी का ढांचा मजबूत बना हुआ है।
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जतिन त्रिवेदी, एलकेपी सिक्योरिटीज: अमेरिकी डेटा के आसपास अस्थिरता बनी रहेगी, लेकिन ₹1,49,000 (गोल्ड) और ₹2,30,000 (सिल्वर) पर मजबूत समर्थन है।
निष्कर्ष: खरीदारी का सही समय?
तकनीकी और मौलिक दोनों दृष्टिकोण से देखा जाए तो सोना और चांदी में अभी प्रवेश करने का अवसर बनता दिख रहा है। हालिया करेक्शन ने बाजार में अतिरिक्त लीवरेज को कम किया है और मजबूत समर्थन स्तरों पर खरीदारी आकर्षक हो सकती है।
फिर भी, निवेशकों को यह समझना होगा कि बाजार अस्थिर है और भू-राजनीतिक, आर्थिक डेटा और डॉलर की चाल कीमतों को प्रभावित कर सकती है। इस समय सावधानी के साथ आंशिक निवेश और दीर्घकालिक दृष्टि सबसे सुरक्षित रणनीति साबित हो सकती है।