
बर्लिन, 7 फरवरी 2026: जर्मनी लंबे समय से इंजीनियरिंग के क्षेत्र में दुनियाभर के छात्रों के लिए आकर्षक देश माना जाता है। ऑटोमोबाइल, केमिकल, कंप्यूटर या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग—हर फील्ड में जर्मनी ने अपना लोहा मनवाया है। पिछले कुछ सालों में भारतीय छात्रों की संख्या भी यहां बढ़ी है। यूरोप के इस देश में लगभग 50,000 से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
जर्मनी की टॉप-10 इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटीज:
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टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ म्यूनिख (TUM)
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RWTH आकिन यूनिवर्सिटी
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कार्ल्सरूहे इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी
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टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ बर्लिन
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TU ड्रेसडेन
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स्टटगार्ट यूनिवर्सिटी
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टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ डार्मस्टाट
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एर्लांगेन-नूर्नबर्ग यूनिवर्सिटी
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लाइबनिज यूनिवर्सिटी हनोवर
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रुहर यूनिवर्सिटी बोचुम
जर्मनी में इंजीनियरिंग पढ़ने के फायदे:
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वर्ल्ड-क्लास एजुकेशन: जर्मनी की इंजीनियरिंग डिग्री को दुनियाभर में मान्यता प्राप्त है। यहां पढ़ाई में प्रैक्टिकल अनुभव, रिसर्च और क्रिटिकल थिंकिंग पर जोर दिया जाता है।
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ट्यूशन-फ्री शिक्षा: कई सरकारी यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों को ट्यूशन फीस नहीं देनी होती, सिर्फ कुछ सौ यूरो सेमेस्टर फीस लगती है, जिससे पढ़ाई किफायती बनती है।
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इनोवेशन हब: जर्मनी में दुनिया की बड़ी कार इंडस्ट्री, रिसर्च इंस्टीट्यूशन और इनोवेशन इकोसिस्टम है। स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप और जॉब पाने में आसानी होती है।
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पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा: डिग्री के बाद स्टूडेंट्स को 18 महीने का जॉब सीकर वीजा मिलता है, जिससे वे अपनी फील्ड में जॉब ढूंढ सकते हैं।
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स्किल वर्कर्स की डिमांड: जर्मनी में वर्कर्स की कमी है, जिससे विदेशी छात्रों को नौकरी मिलने के अवसर ज्यादा हैं।
महत्वपूर्ण सुझाव:
स्टूडेंट्स को जर्मनी जाने से पहले कम से कम B-2 लेवल की जर्मन भाषा सीख लेनी चाहिए, ताकि रोजमर्रा के जीवन में आसानी हो और कंपनियों में जॉब पाने में प्राथमिकता मिले।
जर्मनी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई न सिर्फ विश्व स्तरीय शिक्षा देती है बल्कि भविष्य में अच्छी जॉब और करियर के अवसर भी खोलती है।