Saturday, February 7

जनवरी में गाजियाबाद सबसे प्रदूषित, दिल्ली दूसरे नंबर पर; देश में हवा की स्थिति गंभीर

नई दिल्ली: जनवरी में देशभर में वायु प्रदूषण का संकट लगातार बना रहा, खासकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद जनवरी में देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि दिल्ली दूसरे नंबर पर रही।

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मुख्य निष्कर्ष:

  • गाजियाबाद: PM2.5 स्तर 184 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर, राष्ट्रीय सीमा से तीन गुना अधिक। पूरे महीने हर दिन प्रदूषण मानकों का उल्लंघन हुआ।

  • दिल्ली: जनवरी में 27 दिन वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ या ‘संगीन’ श्रेणी में रही।

  • अन्य प्रदूषित शहर: नोएडा, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा, धरूहेड़ा, सिंगरौली, भिवाड़ी, नार्नौल, गंगटोक।

राज्यों की स्थिति:

  • राजस्थान सबसे अधिक नियम उल्लंघन करने वाला राज्य रहा, जहां 34 में से 23 शहर मानकों का पालन नहीं कर पाए।

  • इसके बाद हरियाणा, बिहार, ओडिशा और उत्तर प्रदेश का स्थान रहा।

देशभर में साफ हवा की स्थिति:

  • केवल 21 शहरों में हवा ‘अच्छी’ रही।

  • 103 शहरों में हवा ‘संतोषजनक’, 92 शहर ‘मध्यम’, जबकि 32 शहर ‘खराब’ या ‘बहुत खराब’ श्रेणी में।

  • मध्य प्रदेश का दमोह देश का सबसे साफ शहर रहा, जहां औसत PM2.5 स्तर 17 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।

  • महानगरों में दिल्ली और कोलकाता ने मानकों को पार किया, जबकि चेन्नई, मुंबई और बेंगलुरु सीमा के भीतर रहे।

  • सबसे साफ 10 शहरों में से पांच शहर कर्नाटक के हैं।

विशेष टिप्पणी: CREA की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 248 शहरों के आंकड़ों में से 123 शहरों में PM2.5 स्तर राष्ट्रीय मानकों से अधिक पाया गया। वहीं, कोई भी शहर WHO के सुरक्षित मानकों पर खरा नहीं उतरा।

निष्कर्ष: जनवरी में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर बना रहा और एनसीआर क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

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