
खतौली/मुजफ्फरनगर: उम्र, जिम्मेदारियां और सीमित समय—तीनों को पीछे छोड़ते हुए 38 वर्षीय पूजा शर्मा ने यह साबित कर दिया कि इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। मुजफ्फरनगर के एक पब्लिक स्कूल में एडमिन पद पर कार्यरत पूजा शर्मा ने महज कुछ महीनों की किकबॉक्सिंग ट्रेनिंग में 600 खिलाड़ियों के बीच ब्रॉन्ज मेडल जीतकर नेशनल चैंपियनशिप का टिकट अपने नाम किया।
अचानक शुरू हुआ खेल का सफर
अक्टूबर 2025 में किकबॉक्सिंग की ट्रेनिंग शुरू करने वाली पूजा शर्मा का सफर संयोग से शुरू हुआ। एनबीटी ऑनलाइन से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि स्कूल में बच्चों को जिला स्तरीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता में लेकर गई थीं, वहीं खिलाड़ियों का जोश देखकर उन्हें लगा, “मैं भी यह कर सकती हूं।” इसके बाद उन्होंने श्री सूर्यदेव अकादमी, मुजफ्फरनगर में कोच मनोज और कोच राखी के मार्गदर्शन में कड़ी ट्रेनिंग शुरू की।
डिस्ट्रिक्ट से नेशनल्स तक का सफर
कोच के सुझाव पर पूजा ने सहारनपुर में डिस्ट्रिक्ट लेवल ट्रायल दिया। चयनित होने पर उन्होंने मेरठ की सुभारती यूनिवर्सिटी में स्टेट लेवल प्रतियोगिता खेली और दो गोल्ड मेडल जीतकर सबको चौंका दिया। जनवरी 2026 में जम्मू में आयोजित ज़ोनल प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पूजा ने नेशनल्स के लिए क्वालीफाई किया।
चुनौतीपूर्ण सीनियर कैटेगरी
19 से 40 वर्ष की सीनियर कैटेगरी में मुकाबला आसान नहीं था। पूजा बताती हैं कि 21–22 साल की फुर्तीली खिलाड़ियों से मुकाबला चुनौतीपूर्ण था, लेकिन हार मानने की बजाय उन्होंने अपनी कमजोरी पर काम किया और जंपिंग व किक्स में विशेष मेहनत की।
मां, कर्मचारी और खिलाड़ी—तीनों भूमिकाओं में संतुलन
पूजा 10 वर्षीय बेटे अभिराज की मां हैं और पब्लिक स्कूल में काम करती हैं। घर, स्कूल और अकादमी—तीनों जगह से सहयोग मिलने से उनका रास्ता आसान हुआ। रोज़ पूजा और उनके बेटे की साथ प्रैक्टिस होती है। पूजा कहती हैं, “जब मैं जीतकर लौटती हूं, सबसे ज्यादा खुश मेरा बेटा होता है।”
नेशनल्स से इंटरनेशनल तक का सपना
24 से 28 मार्च, चेन्नई में होने वाली नेशनल चैंपियनशिप में पूजा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनका सपना इंटरनेशनल लेवल तक खेल को लेकर आगे बढ़ने का है। पति श्रेय और परिवार का सहयोग उन्हें हर कदम पर मिला।
महिलाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
पूजा शर्मा का संदेश है कि हर महिला को फिटनेस के साथ आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के लिए डिफेंस सीखना चाहिए। समय लगेगा, लेकिन हो जाएगा।
“हर महिला में हिम्मत और क्षमता है। बस, पहला कदम उठाना जरूरी है।” – पूजा शर्मा