
कोटपूतली-बहरोड़ (अलवर): राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के खरकड़ी गांव में शनिवार सुबह खेत में काम कर रहे किसान पर अचानक लेपर्ड ने हमला कर दिया। किसान और लेपर्ड के बीच करीब 15 मिनट तक मौत-जीवन का संघर्ष चला। इस दौरान किसान ने अपने हाथ में मौजूद कुल्हाड़ी का इस्तेमाल कर आत्मरक्षा की, जिससे लेपर्ड की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, किसान गंभीर रूप से घायल हो गया है।
घटना का क्रम
ग्रामीणों के अनुसार, श्रवण गुर्जर (48 वर्ष) सुबह करीब 7 बजे घर से लगभग 500 मीटर दूर अपने खेत में बकरियों के लिए चारा लेने गए थे। खेत में पेड़ की टहनी काट रहे थे, तभी पास की झाड़ियों में छिपा लेपर्ड का शावक अचानक उन पर टूट पड़ा।
श्रवण गुर्जर ने बताया कि लेपर्ड ने उनके चेहरे, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर पंजों और दांतों से हमला किया। अचानक हुए हमले से वह संतुलन खो बैठे और बचाव के लिए संघर्ष करने लगे। दोनों के बीच करीब 15 मिनट तक जोरदार टकराव चला, जिसमें श्रवण लगातार अपने जीवन की रक्षा में लगे रहे।
आत्मरक्षा में लेपर्ड की मौत
संघर्ष के दौरान श्रवण ने मौके का फायदा उठाते हुए कुल्हाड़ी से लेपर्ड के सिर पर वार किया। गंभीर चोट लगने से शावक लेपर्ड की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत घायल किसान को अलवर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
वन विभाग ने किया मामला संभालने का दावा
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेस्टर मनोज नागा ने बताया कि लेपर्ड का शव वन विभाग कार्यालय लाया गया है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि मारा गया लेपर्ड शावक था, और यह घटना किसान की आत्मरक्षा में हुई। शव का पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
“ग्रामीण पर हमला लेपर्ड ने किया था। आत्मरक्षा के दौरान शावक की मौत हुई है। नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।” – मनोज नागा, फॉरेस्टर, वन विभाग
घायल किसान के लिए मुआवजे की मांग
खरकड़ी गांव के सरपंच भागीरथ सैनी ने कहा कि श्रवण गुर्जर का परिवार खेती-बाड़ी पर निर्भर है। उन्होंने वन विभाग से घायल किसान और उसके परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। साथ ही ग्रामीणों ने वन विभाग से वन्यजीवों की निगरानी बढ़ाने की भी अपील की है।