
नई दिल्ली: मोबाइल बैटरी को गलत तरीके से जांचना एक युवक को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल एक वीडियो के अनुसार, एक व्यक्ति मोबाइल की बैटरी को मुंह में दबाकर दांतों से चेक कर रहा था, तभी अचानक बैटरी में जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि युवक मुंह में ही बैटरी फटने से घायल हो गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल बैटरियां देखने में भले ही छोटी हों, लेकिन अगर उन्हें गलत तरीके से संभाला जाए तो यह जानलेवा हादसे का कारण बन सकती हैं। खासकर फूली हुई या खराब बैटरियों के साथ अत्यधिक सावधानी बरतना जरूरी है।
बैटरी क्यों होती है खतरनाक?
मोबाइल में इस्तेमाल होने वाली अधिकतर बैटरियां लिथियम-आयन तकनीक पर आधारित होती हैं। इनमें पॉजिटिव और नेगेटिव इलेक्ट्रोड के बीच एक बेहद पतली सेपरेटर फिल्म होती है। यदि यह फिल्म किसी दबाव, कट या चोट के कारण टूट जाए, तो बैटरी के अंदर रिएक्शन तेज हो जाता है और वह आग पकड़ सकती है या फट सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक दांतों से दबाने या किसी नुकीली वस्तु से छेड़छाड़ करने पर यह सुरक्षा परत टूट सकती है और बैटरी तुरंत विस्फोटक बन सकती है।
बैटरी से जुड़ी 3 ऐसी गलतियां, जो भूलकर भी न करें
1. बैटरी को मुंह में रखकर चेक न करें
बैटरी को मुंह में रखकर दबाना या करंट जांचना बेहद खतरनाक है। किसी भी खराब बैटरी के मामले में यह सीधे ब्लास्ट का कारण बन सकता है।
2. फूली हुई बैटरी को दबाएं या छेद न करें
फूली हुई बैटरी सबसे ज्यादा जोखिम वाली होती है, क्योंकि इसके अंदर गैस बन चुकी होती है। लोग अक्सर हवा निकालने के लिए उसे दबाते या छेद करते हैं, लेकिन ऐसा करना भयानक विस्फोट को न्योता दे सकता है।
3. लोकल चार्जर और केबल का इस्तेमाल न करें
कम गुणवत्ता वाले लोकल चार्जर और केबल बैटरी पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। इससे बैटरी ओवरहीट होकर आग लगने या धमाके जैसी घटनाओं का कारण बन सकती है। इसलिए हमेशा ओरिजनल या ब्रांडेड चार्जर-केबल का ही इस्तेमाल करें।
विशेषज्ञों की सलाह
मोबाइल बैटरी से संबंधित किसी भी समस्या की स्थिति में उसे खुद ठीक करने की कोशिश न करें। बेहतर होगा कि फोन को अधिकृत सर्विस सेंटर में दिखाया जाए। बैटरी को गलत तरीके से जांचना या छेड़छाड़ करना गंभीर चोट या जानलेवा हादसे का कारण बन सकता है।