
नई दिल्ली: फोन उठाते ही “Hello” कहना आम बात लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका श्रेय फोन के आविष्कारक ग्राहम बेल को नहीं बल्कि थॉमस अल्वा एडिसन को जाता है? इंटरनेट पर इस बारे में अफवाहें खूब चलती हैं कि यह शब्द ग्राहम बेल की प्रेमिका के नाम पर पड़ा। लेकिन यह पूरी तरह से गलत है।
ग्राहम बेल चाहते थे “Ahoy”
अलेक्जेंडर ग्राहम बेल फोन कॉल शुरू करते समय लोगों से “Hello” न कहने की उम्मीद रखते थे। वे चाहते थे कि लोग “Ahoy” बोलें, जो उस समय नाविकों द्वारा एक-दूसरे का ध्यान खींचने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
एडिसन ने बनाया “Hello” स्टैंडर्ड
जानकर हैरानी होगी कि फोन बनाने वाला नहीं बल्कि एडिसन ने फोन कॉल की शुरुआत के लिए “Hello” शब्द सुझाया। 1877 में एडिसन ने पिट्सबर्ग की टेलीग्राफ कंपनी के अध्यक्ष को पत्र लिखकर इसे स्टैंडर्ड सेट करने की सिफारिश की। उनका मानना था कि “Hello” लंबी दूरी की टेलीफोन लाइनों पर भी स्पष्ट सुनाई देता है, जबकि “Ahoy” उतना प्रभावी नहीं था।
ग्राहम बेल की गर्लफ्रेंड की कहानी बेबुनियाद
इंटरनेट पर यह अफवाह भी घूमती है कि ग्राहम बेल की गर्लफ्रेंड का नाम Margaret Hello था और उसी पर यह शब्द पड़ा। ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार, ग्राहम बेल की पत्नी का नाम Mabel Hubbard था। इसलिए यह कहानी पूरी तरह गलत और बेतुकी है।
निष्कर्ष:
फोन पर “Hello” बोलने की परंपरा का श्रेय ग्राहम बेल को नहीं बल्कि थॉमस एडिसन को जाता है। इसने दूरसंचार इतिहास में एक सरल लेकिन स्थायी बदलाव किया और आज भी हम फोन उठाते ही “Hello” कहते हैं।