
पटना/दिल्ली: ब्रिटिश राजनीति में प्रवासी भारतीयों की बढ़ती भागीदारी का उदाहरण हैं प्रेरणा भारद्वाज, जिन्होंने हाल ही में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात की। बकिंघमशायर के गेरार्ड्स क्रॉस की मेयर चुनी गई प्रेरणा भारद्वाज मूल रूप से मध्य प्रदेश की हैं और उनका परिवार वर्षों पहले ब्रिटेन में बस गया था।
प्रेरणा ने यूके में ही अपनी शिक्षा और पेशेवर पहचान बनाई। उनकी पर्सनालिटी में भारतीय संस्कार और ब्रिटिश प्रशासनिक कुशलता का अनोखा संगम दिखाई देता है। चिराग पासवान के साथ मुलाकात के बाद उनकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा की गईं।
गेरार्ड्स क्रॉस टाउन काउंसिल ने उन्हें मेयर के पद पर नियुक्त किया। वे इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाली पहली भारतीय मूल की महिला हैं। मेयर बनने से पहले उन्होंने स्थानीय पार्षद (Councillor) के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई और सामुदायिक मुद्दों को सुलझाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मध्य प्रदेश की जड़ों से जुड़ी प्रेरणा
प्रेरणा भारद्वाज खुद को ‘मध्य प्रदेश की बेटी’ बताती हैं। उनका जन्म इंग्लैंड के एसेक्स में हुआ, लेकिन वे अपनी जड़ों और संस्कारों के प्रति गहरी निष्ठा रखती हैं। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय मध्य प्रदेश के धार्मिक स्थलों जैसे उज्जैन के बाबा महाकाल और आगर मालवा की मां बगलामुखी को दिया। उनके बच्चों के नाम रयान और कियारा हैं, जिनका जिक्र वे अपनी आधिकारिक घोषणाओं में करती हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें ‘राज्य की बहन’ कहकर बधाई दी और ब्रिटिश राजनीति में भारतीयों की बढ़ती भागीदारी को सराहा।
प्रेरणा भारद्वाज की यह उपलब्धि न केवल प्रवासी भारतीयों के लिए गर्व की बात है, बल्कि ब्रिटिश राजनीति में भारतीयों की सक्रिय भागीदारी का भी प्रतीक है।